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पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री टी0एस0 सिंहदेव ने वित्तमंत्री श्रीमति निर्मला सीतारमण जी के द्वारा प्रस्तुत छठवें बजट जो अंतरीम बजट है, को बेहद निराशजनक बताया है। उन्होंने कहा है कि अमूमन मै ऐसी प्रतिक्रिया नहीं देता। लेकिन बजट अभिभाषण में जिस प्रकार विगत 10 वर्षो का महिमामंडन करते हुए अगामी वित्तीय वर्ष के लिये सरकार के उत्तरदायित्व से पल्ला झाडा गया है वो अभूतपूर्व है। 5.1 के राजकोषीय घाटा का बजट बताता है कि किस वित्तीय कुप्रबंधन में भारतीय अर्थव्यवस्था प्रवेश कर गयी है। बजट में न तो मनरेगा के लिये विशेष है, न किसानो के एम0एस0पी0 की मांग पर कुछ कहा गया है न ही एस0सी0 और एस0टी0 वर्ग के लिये कुछ है। हेल्थ और रोजगार के क्षेत्र में सुधार के लिये भी कोई पुख्ता सूचना बजट अभिभाषण में मौजूद नहीं है। पुरानी घोषणाओं को बजट में शामिल कर इसे आकार देने का प्रयास किया गया है। जी0एस0टी0 के विपरीत प्रभाव से नुकसान झेल रहे उत्पादक राज्यों के नुकसान की भरपाई के लिये भी कोई नीति-निर्धारण नहीं है। एम तरफ आमलोगों को आयकर के स्लैब में कोई छूट नहीं दी गयी, वहीं पूजिपतियों के लिये कारपोरेट टैक्स में छूट को बरकरार रखा गया है।

 

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