डायल -112 के कर्मचारी से गाली गलौच कर मारपीट करने वाले आरोपियों को रतनपुर पुलिस ने किया गिरफ्तार।

रतनपुर संवाददाता – विमल सोनी

सगे भाईयों के बीच विवाद सुलझाने गये पुलिस कर्मी से ही गलौच कर की हाथापाई।
 वाद-विवाद को शांत कराने गये आरक्षक से उलझे आरोपी।
 रतनपुर पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्यवाही।

गिरफ्तार आरोपी :-
1. अरूण प्रसाद यादव पिता भगवती प्रसाद यादव उम्र 25 वर्ष,
2. विनय धीवर पिता चंद्रिका प्रसाद धीवर उम्र 37 वर्ष दोनों निवासी गिरजाबंद नवागाँव थाना रतनपुर जिला बिलासपुर छ.ग.।

डायल 112 छ॰ग० सरकार की आपातकालीन सेवा है जिसके माध्यम से आम जानता को पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन एवं अन्य सभी सेवाओं का लाभ एक फ़ोन पे ही मिलता है चाहे कहीं दुर्घटना हुई हो, लड़ाई झगड़ा हुआ हो, कहीं आग लग गई हो या कोई मेडिकल इमरजेंसी हो डायल-112 में कार्यरत स्टाफ तत्काल वहाँ पहुँच कर पीड़ितों की मदद ले लिए हमेशा तत्पर रहे हैं , ऐसी ही एक सूचना डायल-112 के कमाण्ड सेंटर रायपुर को प्राप्त हुई कि थाना रतनपुर क्षेत्र में गिरजाबंद मंदिर के पास दो भाइयो में लड़ाई झगड़ा एवं मारपीट हुआ है, रतनपुर डायल 112 की गाड़ी ख़राब होने से कोटा डायल-112 टीम तत्काल मौके पर रवाना हुई । डायल 112 टीम को थाना कोटा से रतनपुर क्षेत्र जाने में 30 मिनट समय लगा । जहां अरूण यादव निवासी गिरजाबंद रतनपुर को उसके भाई दिनदयाल यादव के द्वारा मारपीट कर दिया था। जिसे ईलाज हेतु सीएचसी रतनपुर जाने के लिए कहा गया। तभी मोहल्ले का विनय धीवर वहां पहुंचा और ड्यूटी में कार्यरत आरक्षक से दुर्व्यवहार करते हुए, इतना समय लगता है मर जाते तो क्या होता, बोलकर गाली-गलौच करने लगा जिनको डायल-112 के कर्मचारी द्वारा मना करने पर कॉलर अरुण यादव द्वारा भी गंदी गंदी गाली गलौज करते हुए धक्का मुक्की कर मारपीट करने लगा , मारपीट से आरक्षक को चोटें आयी हैं। जिसकी सूचना आरक्षक द्वारा थाना प्रभारी एवं थाना पेट्रोलिंग को दी गई, जिस पर थाना प्रभारी रतनपुर द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुये, आरोपी अरूण यादव व विनय धीवर के विरूद्ध धारा 186, 353, 294, 323, 34 भा.द.वि. तहत कार्यवाही कर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा जांच में करें सहयोग, जवानों से गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं होगी।

एसपी रजनेश सिंह ने कहा है कि ड्यूटी के दौरान पुलिस के जवानों से अनावश्यक ना उलझें। पुलिस के किसी अधिकारी – कर्मचारी के व्यवहार को लेकर समस्या होने पर उच्च अधिकारियों से लिखित में शिकायत की जा सकती है। ड्यूटी के दौरान पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी से गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस तरह का मामला सामने आने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी..

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