कलेक्टर ने वन विभाग के विभिन्न कार्यों की समीक्षा बैठक में दिए महत्वपूर्ण निर्देश

कोंडागांव – ज्योति कुमार कमलासन

कलेक्टर ने वन विभाग की समीक्षा बैठक में शासन द्वारा सभी शासकीय भुगतान बैंक खातों में ऑनलाईन माध्यम से किए जाने हेतु जिले के तेंदूपत्ता संग्राहक से लेकर श्रमिको, वन विभाग के हितग्राहियों का भी बैंक खाता खुलवाने तथा बैंक खातों की आधार सीडिंग संबंधी कार्यवाही अवश्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने शत-प्रतिशत तेंदूपत्ता संग्राहकों का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

जनसमस्या निवारण शिविरों में वन अधिकार पत्र होंगे वितरित

कलेक्टर ने वन अधिकार पत्र धारक किसानों के मृत्यु के प्रकरणों में नामांतरण की कार्यवाही भी जुलाई और अगस्त के महीने में मिशन मोड में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है, ताकि हितग्राहियों को किसान क्रेडिट कार्ड तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से भी लाभान्वित किया जा सके। उन्होंने जनसमस्या निवारण शिविरों में वन अधिकार पत्र वितरण के संबंध में भी निर्देशित किया।

वृक्षारोपण के वृहद कार्यक्रम आयोजित करने के दिए निर्देश

कलेक्टर ने सड़क, तालाब, नदी सहित विभिन्न जलस्त्रोंतों के किनारे और सार्वजनिक स्थानो में वृक्षारोपण के वृहद कार्यक्रम आयोजित करने के साथ ही आवश्यक प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। वहीं मनरेगा योजनान्तर्गत 2021-22 से पूर्व सत्रों में स्वीकृत किए गए कार्यों को शीघ्र पूर्ण करते हुए उपयोगिता प्रमाण पत्र व पूर्णता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि कोंडागांव वन मंडल में कुल मनरेगा के कुल 184 कार्य लंबित हैं, जिनमें वर्ष 2019-20 में 15, वर्ष 2020-21 में 80, वर्ष 2021-22 में 59 और वर्ष 2022-23 में 30 कार्य लंबित हैं, वहीं केशकाल वन मंडल में वर्ष 2019-20 में 6, वर्ष 2020-21 में 78, वर्ष 2021-22 में 46 और वर्ष 2022-23 में 11 कार्य लंबित हैं।

जल संरक्षण के लिए मिशन जल शक्ति के तहत जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे

कलेक्टर ने वन क्षेत्रों में स्थित पर्यटन केन्द्रों में पर्यटकों की सुविधाओं के लिए आवश्यक प्रस्ताव भी एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस दौरान कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा जल संरक्षण के लिए मिशन जल शक्ति के तहत महिलाओं को जोड़ते हुए कार्य किया जा रहा है। जल संरक्षण की इस मुहिम के तहत सभी जल स्त्रातों के चिन्हांकन के साथ ही इनके संरक्षण की दिशा में कार्य किया जाएगा। इस अभियान के तहत जनजागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें वन विभाग के कर्मचारी-अधिकारियों की सक्रिय सहभागिता की आवश्यकता है।

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