आजकल के बच्चों में मोबाइल और स्मार्टफोन की लत एक कॉमन समस्या बन गई है. अधिकतर बच्चे दिनभर फोन के स्क्रीन पर चिपके रहते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई, शारीरिक गतिविधियां और सामाजिक जीवन प्रभावित हो रहा है. इस बढ़ते हुए स्मार्टफोन इस्तेमाल को लेकर माता-पिता चिंता में रहते हैं. हालांकि मोबाइल की लत को छुड़ाने के लिए कुछ आसान और प्रभावी तरीके हैं, जिन्हें अपनाकर इस समस्या का समाधान किया जा सकता है. ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं, जिससे आप अपने बच्चे की स्मार्टफोन की लत छुड़ा सकते हैं.
बड़ों को भी मोबाइल की लत होती है, इसलिए इसमें कहीं न कहीं घर के लोग या पेरेंट्स भी जिम्मेदार होते हैं. बच्चों से यह लत छुड़ाना है तो घर में पेरेंट्स को सबसे पहले अपना स्क्रीन टाइम कम करना होगा. खाना खाते वक्त, सोने जाते वक्त मोबाइल को खुद से दूर रखें और खासतौर पर ध्यान दें कि जब बच्चा आसपास हो तो फोन में न लगे रहें, बल्कि उनसे बात करें, उनके साथ वक्त बिताएं, खेलें. देखने में आता है कि बच्चा रो रहा है या फिर खाना नहीं खा रहा है तो उसे मोबाइल दे दिया जाता है, लेकिन यहीं से बच्चे में मोबाइल का एडिक्शन शुरू होता है, कम उम्र में यानी कम से कम दो से ढाई साल तक तो बच्चे के हाथ में मोबाइल न दें तो ही बेहतर है.
आजकल ज्यादातर पेरेंट्स वर्किंग होते हैं और ऐसे में बच्चे के साथ माता-पिता ज्यादा समय नहीं बिता पाते। आप कोशिश करें कि वीकेंड्स पर अपने बच्चे को पूरा समय दें और उसके साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। आप बच्चों के साथ गेम्स खेलें और उन्हें किसी न किसी एक्टिविटी में बिजी रखें। बच्चे अगर बिजी रहेंगे तो खुद ही मोबाइल से दूर रहेंगे।
वर्किंग पेरेंट्स अपने बच्चों को हफ्तेभर में पूरे होने वाले टास्क दे सकते हैं, ऐसा करने पर बच्चा टास्क को पूरा करने में बिजी रहेगा। आप बच्चे को नई-नई एक्टिविटी में भी बिजी रख सकते हैं। आपका बच्चा जितना बिजी रहेगा वह उतना ही मोबाइल से दूर रहेगा। वहीं अगर आप बच्चे को डांटकर मोबाइल से अलग करेंगे तो वह चिड़चिड़ा हो सकता है।
बच्चे से मोबाइल की लत छुड़ाने के लिए जरूरी है कि आप पढ़ाई के अलावा उसे नई-नई क्रिएटिव एक्टिविटी में लगाएं. जैसे पेंटिंग, म्यूजिक, डांस, नए-नए क्राफ्ट बनाना आदि. आप चाहे तो इसके लिए क्लास लगवा सकते हैं या फिर खुद उसके साथ कुछ क्रिएटिव करें.
मोबाइल की लत छुड़ाना है तो बच्चों की नजर से फोन को दूर रखने की कोशिश कीजिए. खासतौर पर जब वह सोने जा रहे हैं तो मोबाइल आसपास न करें. कम उम्र में ही बच्चे को फोन खरीदकर देने की गलती न करें.
सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि बच्चे के खाने से लेकर सोने, जागने, पढ़ने और आउटडोर गेम खेलने तक का समय निर्धारित करें और इस तरह से उसे दिन में कुछ वक्त ही स्क्रीन टाइमिंग के लिए दें. ताकि वह बाकी चीजों पर ज्यादा बेहतर तरीके से फोकस कर पाए और मोबाइल का एडिक्शन कम हो. जब बच्चा आउटडोर गेम्स खेलता है तो उसकी स्क्रीन टाइमिंग खुद व खुद कम होने लगती है.
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