Home मुख्य ख़बरें अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर विशेष: सहकारिता से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता भारत

अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर विशेष: सहकारिता से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता भारत

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हर साल जुलाई के पहले शनिवार को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस (International Day of Cooperatives) मनाया जाता है। यह दिवस दुनिया भर में सहकारिता आंदोलन की उपलब्धियों को याद करने और इसके महत्व को समझने का अवसर देता है। वर्ष 2025 में यह दिवस 5 जुलाई को मनाया जा रहा है।

सहकारिता क्या है?

सहकारिता एक ऐसी सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था है जिसमें लोग स्वेच्छा से मिलकर काम करते हैं और समान रूप से लाभ साझा करते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना नहीं, बल्कि सदस्यों की सामूहिक जरूरतों को पूरा करना होता है। यह आत्मनिर्भरता, सामूहिकता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित होती है।

देशभर में सहकारी बैंकों, दुग्ध उत्पादक संघों, कृषि समितियों और महिलाओं की स्वयं सहायता समूहों ने रैलियाँ, संगोष्ठियाँ और पुरस्कार वितरण कार्यक्रमों का आयोजन किया।

विशेष रूप से अमूल, इफको, और एनसीसीएफ जैसी बड़ी सहकारी संस्थाओं ने अपने सामाजिक योगदान और किसानों के लिए की गई पहलों को प्रदर्शित किया।

इस दिन को मनाने का उद्देश्य सहकारिता के महत्व को जन-जन तक पहुँचाना और इसे मजबूत बनाकर सामाजिक व आर्थिक विकास को गति देना है।

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