पेंड्रा-मरवाही संवाददाता – दीपक कश्यप
स्कूली वाहनों की सुरक्षा जांच एवं चालकों का चिकित्सकीय परीक्षण
जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर श्रीमति लीना कमलेश मण्डावी एवं पुलिस अधीक्षक श्री सुरजन राम भगत के निर्देशन में परिवहन विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा आज एक संयुक्त जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न स्कूलों की बसों की तकनीकी व दस्तावेजी स्थिति की गहनता से जांच की गई। साथ ही, सभी बस चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनकी योग्यता व मानसिक/शारीरिक स्थिति का आकलन स्वाथ्य विभाग द्वारा पीनाकी हॉस्पिटल के नि : शुल्क शिविर मे किया गया।

यह संयुक्त कार्यवाही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री ओम चंदेल एवम एसडीओपी श्री श्याम सिदार के मार्गदर्शन में संपन्न हुई, जिसमें निम्न अधिकारियों की सक्रिय सहभागिता रही:
अधिकारियों की टीम:
•यातायात निरीक्षक श्री सौरभ सिंह
•सूबेदार श्री सिद्धार्थ शुक्ला
•आरक्षक 203 दिनेश कुमार उदय
•आरक्षक 98 विकास पांडे
•परिवहन विभाग निरीक्षक श्री नितिन सिंह
•सहायक उप निरीक्षक श्री चंद्राकर
•हीरालाल ध्रुव
•S.B भास्कर
श्री हितेंद्र कुमार पंजाबी
श्री राजा टेंगन माड़ा वाले
रितेश ओंकार
इन सभी अधिकारियों ने संयमित एवं व्यवस्थित रूप से जांच कार्य को संपन्न किया।
मुख्य जांच बिंदु:
•स्कूल बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा, परमिट, पंजीयन की वैधता
•फर्स्ट एड बॉक्स, फायर एक्सटिंगुइशर, स्पीड गवर्नर, और सीट बेल्ट की उपलब्धता
•चालक की योग्यता, ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता
•चालक की नशा परीक्षण एवं आंखों की जांच, रक्तचाप आदि स्वास्थ्य परीक्षण
जांच के दौरान चार स्कूल बसों में कमियां पाई गईं, जिन पर तत्काल चालानी कार्रवाई कर 2500 रुपये जुर्माना किया गया एवं त्रुटि सुधार के लिए निर्देशित किया गया,
अधिकारियों के वक्तव्य:
एसडीओपी श्री श्याम सिदार ने कहा,
“बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। वाहन चालकों की मानसिक और शारीरिक स्थिति उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी वाहन की तकनीकी स्थिति।”
यातायात प्रभारी निरीक्षक श्री सौरभ सिंह ने कहा,
“स्कूल बसों की नियमित जांच और स्वास्थ्य परीक्षण से ही हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि बच्चों को सुरक्षित यात्रा का अधिकार मिले। आगे भी यह अभियान चरणबद्ध जारी रहेगा।”
परिवहन निरीक्षक श्री नितिन सिंह ने कहा,
“जिन वाहनों में सुरक्षा मानकों की कमी पाई गई है, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई है।”
स्कूल प्रबंधन को निर्देश:
•प्रत्येक चालक का वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण आवश्यक
•स्कूली वाहनों में सुरक्षा मानकों के पूर्ण पालन का प्रमाण पत्र
•बच्चों के बैठने की सुरक्षित व्यवस्था
•चालक/परिचालक का पुलिस सत्यापन आवश्यक
•रूटिन फिटनेस चेक एवं ड्राइविंग टेस्ट
यह अभियान बच्चों की सुरक्षा हेतु प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाइयाँ नियमित रूप से जारी रहेंगी।
अभिभावकों के लिए श्री विवेक सिन्हा जिला परिवहन अधिकारी जी पी एम द्वारा अपील जारी किया गया है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है जिसके लिए सभी पालको का प्रशासन को सहयोग अपेक्षित है,। आवश्यक है कि समय समय पर वे भी अपने बच्चों के आवागमन वाले स्कूल बसों का निरिक्षण करें, किसी प्रकार की कमी हों, बसें अधिक गति मे संचालित दिखे तो उसकी शिकायत सम्बंधित स्कूल प्रबंधन व परिवहन विभाग को सूचित करें।









