Home सौंदर्य व स्वास्थ्य बारिश के मौसम में बढ़ जाती हैं सांस की परेशानियाँ? जानिए वजह...

बारिश के मौसम में बढ़ जाती हैं सांस की परेशानियाँ? जानिए वजह और जरूरी सावधानियाँ।

20
0

बारिश का मौसम जहाँ सुकून और ठंडक लेकर आता है, वहीं यह कई लोगों के लिए सेहत से जुड़ी परेशानियाँ भी बढ़ा देता है। खासतौर पर अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या एलर्जी जैसी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को इस मौसम में ज्यादा दिक्कत होती है।

इस मौसम में हवा में नमी बढ़ जाने से धूल, परागकण और फंगल एलर्जी के फैलने की संभावना अधिक हो जाती है, जिससे सांस लेने में तकलीफ होती है।

 

आज हम आपको बताएँगे इसके पीछे का मुख्य कारण और इस समस्या से कैसे बचा जा सकता है।

बारिश के मौसम में सांस लेने में तकलीफ क्यों होती है?(Monsoon Breathing Problems)

बारिश का मौसम नमी, फफूंदी और बैक्टीरिया के बढ़ने का मौसम होता है, जो श्वसन तंत्र पर बुरा असर डाल सकता है। आइए जानते हैं इसके प्रमुख कारण:

1. वातावरण में नमी (Humidity) का बढ़ना:

बारिश के मौसम में हवा में नमी अधिक हो जाती है जिससे ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है।

इससे सांस लेने में परेशानी होती है, खासकर अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के मरीजों को।

2. फफूंदी (Mold) और फंगस का बढ़ना:

नम वातावरण के कारण दीवारों, पर्दों और कालीनों पर फफूंदी लग जाती है।

ये हवा में एलर्जी फैलाने वाले तत्व छोड़ती हैं जो अस्थमा अटैक का कारण बन सकते हैं।

3. एयर क्वालिटी में गिरावट:

बारिश से पहले और बाद में हवा की गुणवत्ता (Air Quality) बदल जाती है।

इसमें धूल, परागकण (Pollen), धुआं और गंधक जैसे तत्व मिलते हैं जो सांस के रोगियों को प्रभावित करते हैं।

4. वायरस और बैक्टीरिया के संक्रमण में बढ़ोत्तरी:

मानसून में वायरल संक्रमण जैसे सर्दी, जुकाम, फ्लू आदि ज्यादा फैलते हैं।

इससे गले और फेफड़ों पर असर पड़ता है जिससे सांस की दिक्कत और बढ़ जाती है।

 

जरूरी सावधानियाँ और उपाय (Monsoon Breathing Problems Treatment)

1. घर से फंगस और फफूंदी हटाना:

घर की सफाई नियमित करें, खासकर नम दीवारों और कोनों की।

पंखों और एग्जॉस्ट से हवा की आवाजाही बनाए रखें।

2. एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल करें:

घर के अंदर की हवा को साफ रखने के लिए एयर प्यूरीफायर उपयोगी है।

3. बाहर निकलते समय सावधानी रखें

मास्क पहनें ताकि एलर्जेन्स और प्रदूषक तत्वों से बचाव हो सके।

बारिश में भीगने से बचें, खासकर सिर और छाती को ढककर रखें।

4. पौष्टिक आहार लें और इम्यूनिटी बढ़ाएं:

तुलसी, अदरक, शहद आदि को भोजन में शामिल करें।

गर्म पानी का सेवन करें और गरारे करें।

अगर आपको ये लक्षण दिखें, डॉक्टर से तुरंत मिलें

  1. लगातार सांस फूल रही हो।
  2. छाती में दर्द या दबाव महसूस हो।
  3. आवाज के साथ घरघराहट (Wheezing) हो।
  4. अचानक नींद में सांस रुकने जैसा अनुभव हो।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here