
योग और प्राणायाम से बरसात में इम्युनिटी मजबूत करें
मानसून के मौसम में वातावरण में नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण वायरल संक्रमण, सर्दी-जुकाम, बुखार और पाचन से जुड़ी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे समय में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी को मजबूत बनाए रखना बेहद ज़रूरी है।
योग और प्राणायाम न केवल शरीर को फिट रखते हैं बल्कि मानसिक तनाव को भी कम करते हैं। अनुलोम-विलोम, भस्त्रिका और कपालभाति जैसे प्राणायाम फेफड़ों को साफ करते हैं और ऑक्सीजन की आपूर्ति बेहतर बनाते हैं। वहीं, ताड़ासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन और सूर्य नमस्कार जैसे योगासन पाचन को ठीक रखते हैं और मांसपेशियों को सक्रिय करते हैं।

बरसात के मौसम में इम्युनिटी बढ़ाने के लिए योग और प्राणायाम के फायदे-
अनुलोम-विलोम प्राणायाम – फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाता है और सांस संबंधी बीमारियों से बचाता है।
कपालभाति प्राणायाम – पाचन तंत्र को मजबूत करता है और शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालता है।
भस्त्रिका प्राणायाम – इम्युन सिस्टम को एक्टिव करता है और ऊर्जा बढ़ाता है।
सूर्य नमस्कार – शरीर को लचीला बनाता है, पसीना निकालता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
ताड़ासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन – पाचन ठीक करते हैं और शरीर को अंदर से स्वस्थ रखते हैं।
मानसिक तनाव में कमी –
योग से मानसिक शांति मिलती है जिससे तनाव से जुड़ी बीमारियों से राहत मिलती है।
रोज़ाना सिर्फ 20-30 मिनट योग व प्राणायाम करने से इम्युन सिस्टम को मज़बूती मिलती है, जिससे मानसून में होने वाली बीमारियों से बचाव संभव होता है।









