रायपुर-
नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स की तरह अब अपनी दुकानों के किराये की वसूली भी ऑनलाइन करने की तैयारी कर ली है। निगम के पास शहरभर में लगभग 4,000 दुकानें हैं, जिनसे हर साल करीब 7 करोड़ रुपये की आमदनी होती है।
अब तक किरायेदार यह भुगतान ऑफलाइन करते आ रहे थे, लेकिन अब इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लिया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और वसूली की प्रक्रिया तेज़ होगी।
लंबे समय से इन दुकानों का भौतिक सत्यापन नहीं हुआ है, और कई किरायेदारों ने दुकानों की संरचना में अपने हिसाब से बदलाव भी कर लिए हैं।वहीं, नगर निगम ने इस साल म्यूनिसिपल बॉन्ड लाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। इससे पहले निगम ने 400 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का लक्ष्य तय किया है।
किराया वसूली की प्रक्रिया को पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए नगर निगम अब अपनी दुकानों के किराये के भुगतान में ऑनलाइन सिस्टम लागू कर रहा है। यह पहल निगम की राजस्व व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में की जा रही है।राजस्व विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, निगम के पास करीब 4,000 दुकानें हैं। इनमें से 2,035 दुकानों का भौतिक सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। बाकी दुकानों का सर्वे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा और सभी डेटा को सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा।
अब तक दुकानदार किराया जमा कर रसीद प्राप्त करते थे, लेकिन नई व्यवस्था में ऐसा नहीं होगा। किराया दुकान के क्षेत्रफल और वर्तमान दर के अनुसार स्वचालित रूप से तय किया जाएगा। इसके लिए किरायेदारों का नवीनीकरण और शुल्क संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस नई प्रणाली के माध्यम से नगर निगम को केवल दुकानों के किराये से ही लगभग 10 करोड़ रुपये की सालाना आय होने का अनुमान है।
गैर मूल्यांकित संपत्तियों पर निगम की नजर, सभी वार्डों में सर्वे का आदेश
नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने शहर की गैर मूल्यांकित संपत्तियों को चिह्नित करने के लिए सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में हुई बैठक में उन्होंने सभी 70 वार्डों में राजस्व निरीक्षकों और सहायक राजस्व निरीक्षकों को वार्डवार सर्वे कर सूची तैयार करने को कहा है।
इस बैठक में अपर आयुक्त यू.एस. अग्रवाल, उपायुक्त डॉ. अंजलि शर्मा, जसदेव सिंह बांबरा, आईटी विशेषज्ञ रंजीत रंजन सहित सभी जोनों के राजस्व अधिकारी उपस्थित थे। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार संपत्ति कर निर्धारण की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जाए, जिससे राजस्व में इजाफा हो सके।
ओपन प्लॉट टैक्स वसूली में भी होगी सख्ती, 16 हजार से ज्यादा प्लॉट बिना अपडेट
शहर में स्थित ओपन प्लॉट्स पर भी निगम की नजर सख्त होती जा रही है। वर्तमान में नगर निगम के रिकॉर्ड में कुल 36,387 ओपन प्लॉट दर्ज हैं, जिनमें से 19,752 प्रॉपर्टीज अपडेटेड हैं। जबकि 16,635 प्लॉट ऐसे हैं, जिनमें टैक्स वसूली नहीं हो पाई है।
इन सभी बकाया प्लॉटों को अपडेट करने और टैक्स वसूली सुनिश्चित करने के लिए जोनवार राजस्व अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। निगम अब इन प्लॉट्स की जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज कर, वसूली प्रक्रिया को मजबूत करने की योजना पर काम कर रहा है।









