12–13 जुलाई की रात रूस ने यूक्रेन के कई शहरों पर 600 से अधिक मिसाइलें और ड्रोन दागे।
यूक्रेन की वायुसेना ने दावा किया कि उसने 319 ड्रोन और 25 मिसाइलों को मार गिराया।
फिर भी कुछ हमले ल्वीव, खार्कीव, सुमी और डनिप्रोपेत्रोव्स्क जैसे इलाकों में सफल रहे।
चर्निव्त्सी में हमले से 2 नागरिकों की मौत और 38 घायल हो गए।
इन हमलों में बिजली संयंत्र, रेलवे स्टेशन और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया।
ज़मीन पर संघर्ष और मोर्चे की स्थिति
रूस की सेनाएं पूर्वी यूक्रेन के सिवेर्स्क और खार्कीव क्षेत्रों में आक्रामक कार्रवाई कर रही हैं।
यूक्रेन की सेना ने बताया कि रूस वेलिकी बुरलुक के पास आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उन्हें कड़ी टक्कर दी जा रही है।
अभी तक किसी भी पक्ष को कोई बड़ा इलाका हासिल नहीं हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति और समर्थन
अमेरिका ने यूक्रेन को फिर से सैन्य मदद भेजनी शुरू की है, जिसमें Patriot मिसाइल सिस्टम और इंटरसेप्टर शामिल हैं।
नाटो देश यूक्रेन को अतिरिक्त हवाई सुरक्षा देने पर विचार कर रहे हैं।
रूस के विदेश मंत्री लावरोव उत्तर कोरिया गए, जहाँ किम जोंग उन ने रूस को “बिना शर्त समर्थन” देने की बात कही।
इससे यह साफ है कि रूस और उत्तर कोरिया की नजदीकी बढ़ रही है, जो संघर्ष को और खतरनाक बना सकती है।
सामरिक हालात और विशेषज्ञों की राय
रूस अब गर्मी के मौसम में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू करने की तैयारी में है।
ड्रोन और मिसाइल हमलों के ज़रिए वह यूक्रेन की एयर डिफेंस को कमजोर करना चाहता है।
रूस को उत्तर कोरिया से मिसाइल और ड्रोन पार्ट्स मिल रहे हैं, जिससे उसके हमलों की रफ्तार बढ़ी है।
युद्ध में अब तक 9 लाख से अधिक रूसी सैनिक हताहत हो चुके हैं — यह आंकड़ा मई से जुलाई 2025 तक और बढ़ा है।









