नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के लिए चार प्रतिष्ठित व्यक्तियों को नामित किया है। ये नामांकन उन क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व को दर्शाते हैं, जिन्होंने राष्ट्र के निर्माण में अहम भूमिका निभाई है।
इस सूची में प्रमुख आपराधिक मामलों में पैरवी करने वाले प्रख्यात अधिवक्ता उज्ज्वल निकम, प्रतिष्ठित इतिहासकार डॉ. मीनाक्षी जैन, भारत के पूर्व विदेश सचिव और अनुभवी राजनयिक हर्षवर्धन श्रृंगला, तथा केरल के समाजसेवी सदानंदन का नाम शामिल है। चारों नाम देश के अलग-अलग क्षेत्रों में उनके उल्लेखनीय योगदान को सम्मानित करने की दृष्टि से चुने गए हैं।
नामित सदस्य और उनका योगदान:
उज्ज्वल निकम: आतंकवाद से जुड़े कई अहम मामलों में अभियोजन पक्ष का नेतृत्व कर चुके हैं। 1993 मुंबई बम धमाके, 26/11 मुंबई हमले और अंजुमन केस जैसे मामलों में उनकी भूमिका अहम रही है।
डॉ. मीनाक्षी जैन: इतिहास लेखन में उनका योगदान विशिष्ट रहा है। भारतीय इतिहास को सांस्कृतिक दृष्टिकोण से देखने की उनकी शैली के लिए उन्हें व्यापक सराहना मिली है।
हर्षवर्धन श्रृंगला: विदेश सचिव के रूप में भारत की विदेश नीति को सशक्त दिशा देने वाले राजनयिक। अमेरिका में भारत के राजदूत भी रह चुके हैं।
सदानंदन: केरल में जनसेवा और सामाजिक जागरूकता के कार्यों में वर्षों से सक्रिय हैं। वंचित वर्गों के उत्थान के लिए उनके प्रयासों को सराहा गया है।
इन नियुक्तियों से राज्यसभा में विविध विषयों का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा और नीतिगत विमर्श को नया आयाम मिलेगा। संविधान के अनुच्छेद 80 के अंतर्गत राष्ट्रपति को 12 सदस्यों को राज्यसभा में नामित करने का अधिकार है, जो कला, साहित्य, विज्ञान, समाजसेवा और सार्वजनिक जीवन के क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान के लिए किया जाता है।









