छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बनाई जा रही अधूरी फोरलेन सड़क पहली ही बारिश में ढह गई। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सड़क का बड़ा हिस्सा टूटकर बहता नजर आ रहा है। यह घटना न केवल सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह फोरलेन सड़क अभी पूरी तरह तैयार भी नहीं हुई थी, और इसी दौरान इसमें इस तरह की भारी क्षति होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। ग्रामीणों ने संबंधित ठेकेदार और विभाग के खिलाफ जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
लोगों का यह भी आरोप है कि निर्माण के दौरान घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिससे यह स्थिति बनी। कई इलाकों में ऐसी ही सड़कें बार-बार मरम्मत के बावजूद खराब हो रही हैं।
प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन मामला तूल पकड़ने के बाद जांच की संभावना जताई जा रही है।
कुछ क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण और मुआवजे के मुद्दों के कारण निर्माण कार्य में देरी हो रही है। निर्माण स्थल पर जाम और धूल की समस्या से लोग परेशान हैं। चांपा मुख्य मार्ग पर यह समस्या ज्यादा गंभीर है। बारिश के मौसम में जाम की स्थिति और भी बिगड़ जाती है।
यह घटना यह सोचने पर मजबूर करती है कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रही ऐसी सड़कें कितनी सुरक्षित हैं, और आखिर जवाबदेही किसकी है?









