सक्ती के छोटे से गांव से निकलकर वैश्विक स्तर पर रूस में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे वेदांश मिश्रा

सक्ती संवाददाता – दीपक ठाकुर

रूस के सोची शहर में आयोजित होने जा रहे वैश्विक युवा महोत्सव में भारतीय प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हो रहा है जिसमे हमारे जिले सक्ती के छोटे से गाँव सेंदरी(पुटेकेला) के बेटे वेदांश मिश्रा एक सदस्य के तौर पर भाग लेने वाले हैं। विश्व युवा महोत्सव (रूस) दुनिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय युवा कार्यक्रम है जिसमें 193 देश के 10 हजार युवा नेता एक साथ शामिल होंगे ।यह आयोजन रूस में 1 मार्च से 7 मार्च, 2024 तक रूस के सोची शहर में होगा । जिसमें राजनीति , मीडिया, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, संस्कृति, विज्ञान, शिक्षा, स्वयं सेवक,व्यापार,खेल और सार्वजनिक जीवन के अन्य क्षेत्रों के पेशेवर शामिल होंगे ‌। पूरे विश्व से 18 -35 वर्ष के बीच के अपने-अपने क्षेत्र के दिग्गज युवा, महोत्सव में शामिल होंगे। वेदांश मिश्रा सक्ती क्षेत्र के गणमान्य नागरिक श्री आदित्य कुमार मिश्रा व श्रीमती सावित्री मिश्रा के सुपुत्र तथा श्री नरेंद्र मिश्रा व श्रीमती निशा मिश्रा के भतीजे हैं। इनका परिवार वंशानुगत तौर पर क्षेत्र में पुरोहिती कार्य में संलग्न है।

वेदांश मिश्रा की पांचवीं तक की प्रारंभिक शिक्षा शिशु मंदिर खैरा से हुई तथा 6वीं से 12वीं तक की पढाई जवाहर नवोदय विद्यालय चिस्दा से हुई है। वेदांश मिश्रा गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर से राजनीति विज्ञान में स्वर्ण पदक के साथ बी ए ऑनर्स उत्तीर्ण हैं तथा CMD कॉलेज बिलासपुर से MA राजनीति विज्ञान कर चुके हैं एवं वर्तमान में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक में राजनीति विज्ञान के सीनियर रिसर्च फेलो हैं। भारतीय पुलिस व्यवस्था एवं ई-गवर्नेंस पर शोध करते हुए विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय शोध जर्नल में इनके 12 से अधिक शोध पत्र प्रकशित हैं तथा 7 पुस्तकों में इनके द्वारा लिखे गए अध्याय प्रकाशित हैं।इसके साथ ही इनके द्वारा 20 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में शोध पत्र प्रस्तुत किये जा चुके हैं। वर्तमान में भारतीय पुलिस सुधार पर व्यापक अकादमिक कार्य करते हुए जमीनी स्तर पर पुलिस एवं जनसामान्य के मध्य की दूरी कम करने में लगे हुए हैं।

अपने सफल अकादमिक जीवन के साथ ही साथ समाज सेवा एवं छात्र राजनीति में भी सक्रिय रहते हुए वेदांश गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्र परिषद् सदस्य रह चुके हैं तथा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् छत्तीसगढ़ प्रान्त में विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, शोध संयोजक जैसे विभिन्न दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं तथा पिछले दो सालों से महाकौशल प्रान्त में शोध संयोजक है। इसके अलावा अमरकंटक क्षेत्र में रहते हुए अपनी संस्था “एम्पावर्ड सिटीजन्स फाउंडेशन” के माध्यम से छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश में निवासरत केंद्र सरकार द्वारा घोषित विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा के मध्य सरकारी योजनाओं की जानकारी उन तक पहुँचाने एवं सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हें दिलाने के लिए कार्यरत है।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य होने की खबर क्षेत्र में पहुँचने के बाद से ही पूरे क्षेत्र में ख़ुशी की लहर व्याप्त हैं एवं मित्रों तथा शुभचिंतकों के द्वारा लगातार बधाई प्रेषित की जा रही है।

इस अवसर वेदांश मिश्रा ने कहा की “सफलता कोई मंजिल नहीं बल्कि एक यात्रा है और किसी भी व्यक्ति की सफलता, कभी भी पूर्णतः उसकी व्यक्तिगत नहीं होती है अपितु उन सभी लोगों की होती है जो उस यात्रा में उसके सम्बल थे, साथी थे,मार्गदर्शक थे और इसलिए मैं अपनी इस सफलता के लिए अपने माता-पिता, शिक्षकों, परिवारजनों, मित्रों एवं सभी का आभारी हूँ, ऋणी हूँ “

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