पाकिस्तान एक बार फिर आतंकियों के पक्ष में खड़ा नजर आया है। इस बार खुद पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री ने विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शामिल आतंकी संगठन TRF (द रेसिस्टेंस फ्रंट) का बचाव किया है।
उपप्रधानमंत्री ने कहा, “भारत को अगर TRF की संलिप्तता का दावा है तो वह ठोस सबूत पेश करे। सिर्फ आरोप लगाने से सच्चाई नहीं बदलती।”
यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत में सुरक्षा एजेंसियों ने पहलगाम हमले की जांच में TRF की भूमिका के स्पष्ट संकेत दिए हैं। माना जा रहा है कि यह संगठन लश्कर-ए-तैयबा का ही एक मुखौटा संगठन है, जो पाकिस्तान से संचालित होता है।
भारत ने पहले भी कई बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर TRF और इसके जैसे अन्य संगठनों के खिलाफ पाकिस्तान की भूमिका को लेकर सबूत पेश किए हैं। इसके बावजूद पाकिस्तान की तरफ से बार-बार ऐसे बयानों से यह स्पष्ट होता है कि वह आतंकी नेटवर्क को शह देने से पीछे नहीं हट रहा।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान का यह रवैया न सिर्फ क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा है, बल्कि उसकी खुद की साख पर भी सवाल खड़े करता है।









