छत्तीसगढ़ स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ का सांकेतिक धरना प्रदर्शन जिला मुख्यालय जांजगीर के हांकी मैदान में आयोजित किया गया

जिला जांजगीर चाम्पा छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चाम्पा जिले में दिनांक 20/7/2025 दिन रविवार को छत्तीसगढ़ स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ द्वारा एक दिवसीय जिला स्तरीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह प्रदर्शन प्रदेश अध्यक्ष श्री दुर्योधन यादव के नेतृत्व में छत्तीसगढ स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवम कर्मचारी संघ के बेनर तले संपन्न हुआ। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों और कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित दो मुख्य मांगों को सरकार तक पहुँचाना था।
प्रमुख दो सूत्रीय मांगें:
नियमित वेतन वृद्धि एवं वेतनमान निर्धारण
संविदा शिक्षकों और कर्मचारियों को उचित वेतन वृद्धि का लाभ अब तक नहीं मिल पाया है। संघ की मांग है कि उनकी सेवाओं के आधार पर नियमित वेतन वृद्धि सुनिश्चित की जाए और वेतनमान का स्पष्ट निर्धारण किया जाए।

शिक्षा विभाग में सविलियन एवं नियमितीकरण
लंबे समय से सेवाएं दे रहे संविदा शिक्षक व कर्मचारी स्थायीत्व की ओर देख रहे हैं। संघ ने स्पष्ट रूप से मांग रखी कि शिक्षा विभाग में इनका सविलियन (विलय) किया जाए और नियमित पदों पर नियुक्त किया जाए।
एसडीएम को सौंपा गया ज्ञापन
धरना प्रदर्शन के पश्चात एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम से फोन से संपर्क किया गया धराना स्थल पर तहसीलदार पहुचे उक्त मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। संघ ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि यदि इन मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धरना प्रदर्शन में प्रमुख सहभागिता:
धरने में संघ के प्रदेश और जिला स्तर के कई पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख नाम निम्नलिखित हैं:
अभिषेक प्रधान – जिलाध्यक्ष, अकलतरा विवेक राठौर – प्रदेश प्रवक्ता, जशपुर राकेश राठौर – सह सदस्य, अकलतराअविनाश राठौर – चाम्पा चंद्रशेखर यादव – पामगढ़ नेहा मेम – जांजगीर
विजय चंद्रा – सरागांव हरीश साव – नवागढ़ सुनलीदीप – अकलतरा गोपालकृष्ण पैकरा –बम्हनीडीह स्वामी आत्मानंद की सविदा शिक्षाक एवं कर्मचारी सेकड़ो की संख्या में उपस्थित एकजुट होकर शिक्षकों और कर्मचारियों की आवाज को बुलंद किया।
संघ का संदेश:
संघ ने स्पष्ट किया कि स्वामी आत्मानंद स्कूल योजना में कार्यरत संविदा शिक्षकों व कर्मचारियों ने शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान दिया है, लेकिन वे अभी भी अस्थिर सेवा शर्तों और असमान वेतनमान की स्थिति में कार्यरत हैं। यह आंदोलन सिर्फ अधिकारों की माँग नहीं, बल्कि सम्मानजनक भविष्य की माँग है।
संघ का यह सांकेतिक धरना प्रदर्शन
संघ का यह सांकेतिक धरना प्रदर्शन शिक्षकों और कर्मचारियों की दशा और दिशा को लेकर एक अहम कदम था। यह प्रदर्शन भविष्य की व्यापक रणनीति का संकेत भी है। यदि शासन इन मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं करता, तो प्रदेश भर में बड़ा आंदोलन छेड़े जाने की संभावना जताई जा रही है।









