बीजापुर-
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में माओवादियों ने एक बार फिर हिंसा की कायराना मिसाल पेश की है। रविवार देर रात नक्सलियों ने पुलिस मुखबिरी के शक में दो ग्रामीणों की बेरहमी से हत्या कर दी। यह घटना तर्रेम थाना क्षेत्र के छुटवाई गांव की है, जहां ग्रामीण कवासी जोगा (55) और मंगलू कुरसम (50) को उनके घरों से बाहर बुलाकर मौत के घाट उतार दिया गया।
इस वीभत्स वारदात की जिम्मेदारी भाकपा (माओवादी) की जगारगुंडा एरिया कमेटी ने ली है। मौके पर मिले पर्चे में कहा गया कि मृतक मंगलू पुलिस के लिए मुखबिरी करता था, उसे कई बार चेताया गया था, लेकिन सुधार न होने पर उसे सजा दी गई।
बताया जा रहा है कि मंगलू कुरसम का बेटा नंदू पहले ही आत्मसमर्पण कर चुका है और माओवादी उसी की तलाश में आए थे। लेकिन नंदू के नहीं मिलने पर उन्होंने उसके पिता को ही अपना निशाना बना लिया।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने जताई तीखी प्रतिक्रिया
इस नृशंस घटना को लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि नक्सली अब हार के डर से बौखलाहट में कायराना हरकतें कर रहे हैं। सुरक्षा बल मुस्तैदी से अभियान चला रहे हैं और जल्द ही माओवाद पूरी तरह खत्म होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर की जनता अब डरने वाली नहीं है, वह शांति और विकास चाहती है।
इस दोहरे हत्याकांड के बाद से क्षेत्र में डर और तनाव का माहौल है। सुरक्षा बलों ने घटनास्थल की घेराबंदी कर जांच तेज कर दी है।









