Home धर्म व त्यौहार तुलसी माता को कब नहीं छूना चाहिए? जानिए शास्त्रों में बताए गए...

तुलसी माता को कब नहीं छूना चाहिए? जानिए शास्त्रों में बताए गए ये खास नियम।

15
0

हिंदू धर्म में तुलसी का पौधा सिर्फ एक वनस्पति नहीं, बल्कि देवी स्वरूप मानी जाती हैं। तुलसी घर में मौजूद हो, तो वह पवित्रता, समृद्धि और शुभता का प्रतीक होती है। लेकिन तुलसी से जुड़ी कुछ धार्मिक मर्यादाएं भी होती हैं, जिन्हें अनदेखा करना पुण्य में बाधा बन सकता है।

शास्त्रों में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि तुलसी माता को कुछ विशेष समयों पर छूना वर्जित है। आइए जानते हैं उन परिस्थितियों के बारे में जब तुलसी को न छूना ही श्रेष्ठ होता है:

 तुलसी को कब न छूएं – जानिए 5 प्रमुख नियम

1.  सूर्यास्त के बाद तुलसी का स्पर्श न करें

शास्त्रों के अनुसार, शाम ढलने के बाद तुलसी माता विश्राम करती हैं। ऐसे में उनका स्पर्श करना अनुचित माना गया है। यह समय तुलसी पूजन के लिए नहीं होता।

2.  एकादशी के दिन तुलसी दल न तोड़ें

एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है और तुलसी उनकी अति प्रिय मानी जाती हैं। इस दिन तुलसी माता उपवास में होती हैं, इसलिए उनके पत्तों को तोड़ना या छूना वर्जित है।

3.  बिना स्नान के तुलसी को न छुएं

जब तक शरीर और मन दोनों शुद्ध न हों, तुलसी का स्पर्श नहीं करना चाहिए। स्नान के बाद ही तुलसी पूजन या उनके पास जाना उचित होता है।

4.  महिलाएं मासिक धर्म के समय तुलसी से दूर रहें

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, रजस्वला अवस्था में महिलाओं को तुलसी माता के पास जाने या उनका स्पर्श करने से परहेज करना चाहिए।

5. श्राद्ध पक्ष में तुलसी दल न तोड़ें

पितृ पक्ष के दौरान तुलसी के पत्तों का उपयोग वर्जित होता है। यह समय पूर्वजों की शांति के लिए होता है, न कि देवी पूजन के लिए।

 

 आस्था के साथ करें तुलसी पूजन

तुलसी माता की पूजा जितनी पुण्यदायिनी मानी गई है, उतनी ही जरूरी है उनके प्रति मर्यादा बनाए रखना। सही समय पर पूजन और स्पर्श करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य बना रहता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here