Home चर्चा में प्रधानमंत्री ने मन की बात १३४वें संस्करण पर देश में मिले...

प्रधानमंत्री ने मन की बात १३४वें संस्करण पर देश में मिले रहे सफलताओं पर किया फोकस…

4
0

मन की बात से आम लोगों से ओझल परंपराओं और प्रतिभाओं को विश्व पटल पर मिलता है पहचान… अधिवक्ता चितरंजय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात १३४वें संस्करण की शुरुवात पर देश को अलग अलग सेक्टर पर मिल रही सफलताओं पर चर्चा करते हुए बताया कि किस तरह अंतरिक्ष यान से सुधांशु शुक्ला के धरती पर कदम रखते ही उसके परिजनों के साथ देशवासियों ने खुशियां मनाई। उन्होंने आज अंतरिक्ष सेक्टर में भारत की नई पीढ़ी की बढ़ती रुचि पर फोकस करते हुए बताता कि आज देश में सिर्फ स्पेस सेक्टर में ही ५० से अधिक स्टार्टअप सेंटर में काम हो रहा है जिसमें नई पीढ़ी की रुचि तारीफ करते हुए प्रधान मंत्री ने आगामी २३ अगस्त को भारतीय अंतरिक्ष दिवस पर बच्चों को कुछ नया और बेहतर करने के लिए प्रेरित किया।
प्रधानमंत्री भारतीय पुरातत्व और राष्ट्रीय धरोहरों की चर्चा करते हुए बताया कि शिवाजी महाराज के किले में पहुंचने पर मुझे अहसास हुआ कि देश भर में भारतीय राजाओं के द्वारा सुरक्षा के लिहाज से बनाए गए इन किलों ने कितनी आंधी_ तूफान, आक्रमण और मार सहे होंगे फिर भी देश की शान के रूप में आज भी अपनी जगहों में शान से खड़ी हैं जिनके बीच से हमारी संस्कार और स्वाभिमान झांकती है उन्होंने भावुक होकर कहा कि ये सभी किले केवल ईंट_गारे की दीवारें मात्र नहीं है बल्कि ये हमारे भारतीय संस्कृति की प्रतीक है। गौरव का विषय है कि इन्हीं में से करीब १३ किलों को यूनेस्को ने अभी विश्व धरोहर के रूप में आत्मसात किया है, यह बताते हुए मोदी ने लोगों से आज इन गौरव और मान चिन्हों को करीब से देखने और सम्मान करने का आग्रह किया।
उन्होंने खुदी राम बोस की फांसी और देश के लिए बलिदान गाथा पर बात रखते हुए कहा कि १६ वर्ष की अल्प आयु में देश के लिए कुर्बान हमारे बालदानियों की गाथाएं हमारे पीढ़ी को पढ़ाना होगा जो उनके भीतर देश भक्ति जगा सके।
महात्मा गांधी के ८ अगस्त के भारत छोड़ो आंदोलन के साथ ही स्वतंत्रता दिवस के बारे अपनी बात कहते हुए प्रधान मंत्री ने बताया कि १५ अगस्त की आजादी पर्व के साथ देश के विभाजन की दर्दनाक विभीषिका भी जुड़ी हुई है, इसलिए हम १४ अगस्त को अखंड भारत दिवस मनाकर हमारे बच्चों को अखंड भारत का सुंदर झांकी भी दिखाएं। प्रधानमंत्री ने अगस्त को उत्सव_ पर्व और राष्ट्रीय त्यौहारों और स्मरणीय घटनाओं का मास बताते हुए कहा कि स्वदेशी आंदोलन की शुरुवात ७ अगस्त को विदेशी उत्पादों को जलाकर हुई थी, अब इस दिन स्वदेशी उत्पादों के उपयोग का संकल्प लेकर आगे बढ़ने का समय आ गया है। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के संदर्भ में ओमप्रकाश साहू की चर्चा करते हुए कहा कि हाथ में बंदूक थामने वाला युवक आज मछली का जाल थाम कर मत्स्य पालन में आत्मनिर्भरता का मिसाल कायम कर और भी युवाओं के लिए प्रेरणा का सबब बन गया है।
उन्होंने खेल_ खिलाड़ियों पर चर्चा करते हुए कहा कि देश के किशोर खूब खेलें, क्योंकि इससे शारीरिक ताकत के अलावा अनुशासन, टीम स्पिरिट के साथ देश भक्ति का भाव जागृत होता है। स्वच्छ भारत मिशन पर चर्चा करते हुए कहा मोदी ने कहा कि इस आंदोलन को शानदार ११ साल होने जा रहा है जिसकी आवश्यकता आज भी है और निरंतर जारी रहना चाहिए। उन्होंने अंत में सावन के फुहारों के बीच भारतीय उत्सव व पर्व की बधाई देते हुए कहा कि यह सभी पर्व हमें ईश्वर के प्रति समर्पण और आस्था के साथ समाज में भाई चारा और एकता का संदेश देते हैं।आज मन की बात के १२४वें संस्करण को अपने मित्रों के साथ श्रवण के बाद उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री के मन की बात का हर संस्करण देश की संस्कृति, इतिहास_ परंपराओं से जोड़कर समाज के हर वर्ग को ज्ञानार्जन के साथ ही नए सीख और सबको, खुद के अलावा समाज और देश के लिए कुछ बेहतर योगदान के लिए प्रेरित करता है तथा आम लोगों से ओझल राष्ट्रीय स्मारकों, परंपराओं और प्रतिभाओं को विश्व पटल पर पहचान दिलाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here