Home मुख्य ख़बरें सावन के तृतीय सोमवार का महत्व: आस्था, भक्ति और शिव कृपा का...

सावन के तृतीय सोमवार का महत्व: आस्था, भक्ति और शिव कृपा का दिन

13
0

सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति और आराधना के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। इस माह में हर सोमवार को श्रावण सोमवारी व्रत रखा जाता है। वर्ष 2025 में सावन का तृतीय सोमवार विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह दिन भक्तों के लिए भगवान शिव की कृपा पाने का उत्तम अवसर होता है।

धार्मिक मान्यता:
मान्यता है कि सावन में माता पार्वती ने घोर तप कर भगवान शिव को प्राप्त किया था। इसलिए यह महीना विशेष रूप से वैवाहिक सुख, सौभाग्य और संतान की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण होता है। सावन के सोमवारी व्रत से शिवभक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

तृतीय सोमवार की पूजा विधि:
– प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
– शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग आदि अर्पित करें।
– “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
– शिव चालीसा, रुद्राष्टक और शिव पुराण का पाठ करें।
– शाम को दीप जलाकर आरती करें और व्रत खोलें।

विशेष लाभ:

इस दिन व्रत व पूजा करने से रोग, दोष और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। दांपत्य जीवन में सुख-शांति आती है और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here