रायपुर संवाददाता- रघुराज
रायपुर, छत्तीसगढ़: राजधानी रायपुर के सुंदर नगर स्थित 36 मॉल में शनिवार शाम एक अभूतपूर्व और हृदय को पुलकित कर देने वाला दृश्य देखने को मिला। जहां आजकल सिनेमाघर अक्सर बॉलीवुड की मसाला फिल्मों तक सीमित रह गए हैं, वहीं इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) ने ‘महाअवतार नरसिम्हा’ फिल्म के प्रदर्शन के साथ पूरे थिएटर को एक मंदिर के माहौल में बदल दिया। इस पहल ने शहरवासियों के मन को खुशियों से भर दिया, विशेषकर ऐसे समय में जब समाज में नकारात्मकता और गलत संगत का प्रभाव बढ़ रहा है।
कल शाम 4 बजे से देर रात तक, पूरा 36 मॉल ‘हरे कृष्णा हरे रामा’ महामंत्र के दिव्य घोष से गुंजायमान रहा। फिल्म ‘महाअवतार नरसिम्हा’ के प्रदर्शन के बाद भव्य महाआरती और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को भक्तिमय ऊर्जा से सराबोर कर दिया। यह सिर्फ एक फिल्म प्रदर्शन नहीं था, बल्कि आध्यात्मिक उत्थान और सामुदायिक सामंजस्य का एक अनूठा आयोजन था।
इस्कॉन सेवा समिति की इस पहल की जनता ने दिल खोलकर सराहना की। कई लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजनों की समाज में बहुत आवश्यकता है और भविष्य में भी ऐसी भक्तिपूर्ण और सकारात्मक फिल्मों का प्रदर्शन होना चाहिए, जनता ने सुंदर नगर प्रचार केंद्र की टीम की हार्दिक प्रशंसा करते हुए कहा, “सुंदर नगर प्रचार केंद्र की अति दिव्य सेवा को हमारा सादर प्रणाम है। नरसिंह भगवान एवं प्रहलाद महाराज की इन दिव्य लीलाओं का इतना सुंदर चित्रण और प्रस्तुतीकरण, दर्शन अति दिव्य और हृदय को पुलकित करने वाला है। भारत के हर एक व्यक्ति को चाहिए कि इस मूवी को जरूर देखें, जिसमें भगवान की शुद्ध भक्ति का इतना सुंदर ज्ञान मिलता है।” उन्होंने आगे कहा, “पुनः, सुंदर नगर प्रचार केंद्र की पूरी टीम को हृदय से बहुत धन्यवाद।”

इस अद्भुत कार्यक्रम के सफल आयोजन में इस्कॉन के मैनेजमेंट, जिनमें माधवाचार्य प्रभु जी, अनंत शेष प्रभु जी, और राम रघुवीर प्रभु जी शामिल हैं, और उनके साथ सभी समर्पित भक्तों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजकों ने बताया कि वे घर-घर जाकर लोगों को जन्माष्टमी के भव्य उत्सव के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। इस साल जन्माष्टमी को “घर-घर आमंत्रण, हर घर आमंत्रण” के नारे के साथ धूमधाम से मनाने की योजना है। यदि आप भी अपनी कॉलोनी में कीर्तन और आमंत्रण कार्यक्रम आयोजित करना चाहते हैं, तो आज ही 9589314088 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
यह आयोजन एक महत्वपूर्ण संदेश देता है कि कैसे सिनेमाघरों को सिर्फ मनोरंजन का माध्यम न बनाकर आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उत्थान का केंद्र भी बनाया जा सकता है। इस्कॉन की यह पहल निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक बदलाव लाएगी और युवाओं को भक्ति तथा नैतिकता के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करेगी। ऐसे आयोजनों से न केवल धार्मिक भावनाएं प्रबल होती हैं, बल्कि यह सामाजिक एकजुटता और सकारात्मकता को भी बढ़ावा देता है।









