रायपुर संवाददाता- रघुराज
हाल के दिनों में वैश्विक स्तर पर निजी क्षेत्र की नौकरियों को लेकर छंटनी की खबरें लगातार सुर्खियों में रही हैं। चाहे वह माइक्रोसॉफ्ट में हुई कटौती हो या टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) द्वारा 12,000 से अधिक कर्मचारियों को निकालने की घोषणा, यह दौर कई पेशेवरों के लिए अनिश्चितता भरा रहा है। ऐसे चुनौतीपूर्ण माहौल में, भारत की अग्रणी आईटी सेवा कंपनी इंफोसिस एक सकारात्मक खबर लेकर आई है, जो नौकरी चाहने वालों के लिए उम्मीद की एक नई किरण है।
इंफोसिस ने घोषणा की है कि वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ते फोकस के मद्देनजर साल 2025 में लगभग 20,000 कॉलेज ग्रेजुएट्स को नियुक्त करने की योजना बना रही है। यह उन युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है जो प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं।
द टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, इंफोसिस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सलिल पारेख ने इस बात की पुष्टि की है। पारेख ने बताया, “हमने पहली तिमाही में 17,000 से अधिक लोगों को भर्ती किया और इस साल लगभग 20,000 कॉलेज ग्रेजुएट्स को लाने की योजना है।” यह बयान न केवल कंपनी के विकास पथ को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि इंफोसिस भविष्य की प्रौद्योगिकियों, विशेष रूप से AI में महत्वपूर्ण निवेश कर रही है।
AI में बढ़ता निवेश और नौकरियों के अवसर
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आज के डिजिटल युग की सबसे परिवर्तनकारी तकनीकों में से एक है। यह उद्योगों को नया आकार दे रहा है, प्रक्रियाओं को स्वचालित कर रहा है और नए व्यावसायिक मॉडल बना रहा है। इंफोसिस जैसी कंपनियां AI की बढ़ती क्षमता को पहचान रही हैं और इसमें भारी निवेश कर रही हैं। AI में यह निवेश केवल प्रौद्योगिकी के विकास तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह कुशल कार्यबल की मांग को भी बढ़ा रहा है।
इंफोसिस द्वारा 20,000 ग्रेजुएट्स की भर्ती की योजना दर्शाती है कि कंपनी AI और संबंधित क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को मजबूत कर रही है। इन नई भर्तियों को AI, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों में प्रशिक्षित किया जा सकता है। यह न केवल कंपनी को अपनी सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद करेगा, बल्कि यह नए स्नातकों को अत्याधुनिक तकनीकों में अनुभव प्राप्त करने का भी अवसर देगा।
चुनौतीपूर्ण समय में एक सकारात्मक कदम
जहां एक ओर कई कंपनियां लागत में कटौती और दक्षता बढ़ाने के लिए छंटनी कर रही हैं, वहीं इंफोसिस का यह कदम एक मजबूत विपरीत संदेश देता है। यह दर्शाता है कि कुछ कंपनियां अभी भी विकास के अवसरों को देख रही हैं और भविष्य में निवेश करने को तैयार हैं। यह विशेष रूप से भारत जैसे देशों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां बड़ी संख्या में युवा हर साल अपनी शिक्षा पूरी करते हैं और रोजगार की तलाश में होते हैं।
इंफोसिस की यह पहल न केवल नए स्नातकों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगी, बल्कि यह अन्य कंपनियों को भी AI और भविष्य की प्रौद्योगिकियों में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है। यह भारत के तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और इसे वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने में भी मदद करेगा।
संक्षेप में, इंफोसिस की 2025 में 20,000 कॉलेज ग्रेजुएट्स को हायर करने की योजना मंदी और छंटनी के दौर में एक सकारात्मक खबर है। यह AI के बढ़ते महत्व को रेखांकित करती है और तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए नई उम्मीदें जगाती है।









