सुकमा संवाददाता – पोडियामी दीपक
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत “निर्वाण भारत योजना” और “एफएलएन लक्ष्य मिशन 2026-27” के अंतर्गत कक्षा तीसरी तक के बच्चों में भाषा एवं गणित विषयों में आवश्यक लर्निंग आउटकम की प्राप्ति के उद्देश्य से जिले में “सीखेगा बचपन – एफएलएन प्रथम असेसमेंट (बेसलाइन मूल्यांकन)” का सफल आयोजन किया गया। यह मूल्यांकन 5 अगस्त को जिले की सभी शासकीय एवं अनुदान प्राप्त प्राथमिक शालाओं में प्रातः 11:00 बजे एक साथ आयोजित हुआ।
यह आयोजन कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के मार्गदर्शन में तथा जिला शिक्षा अधिकारी श्री जी.आर. मण्डावी के निर्देशन में संपन्न हुआ। इस मूल्यांकन में कक्षा पहली के 5,653, कक्षा दूसरी के 7,575 तथा कक्षा तीसरी के 7,417 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कुल मिलाकर जिलेभर से 20,645 बच्चों ने इस महत्त्वपूर्ण मूल्यांकन में सहभागिता की।
जिला समन्वयक समग्र शिक्षा श्री उमाशंकर तिवारी ने बताया कि मूल्यांकन के लिए आवश्यक प्रश्नपत्र एवं गोश्वारा सामग्री का वितरण जिला स्तर से पूर्व में ही कर दिया गया था। सभी विद्यालयों में मूल्यांकन कार्य शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।
इस अवसर पर जिला स्तरीय निरीक्षण दल द्वारा विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण कर मूल्यांकन प्रक्रिया का अवलोकन किया गया। निरीक्षण दल में शामिल श्रीमती रेशमा कासिम (एपीसी), श्री सीताराम सिंह राणा (एपीसी), श्री गौरव सिंह (एफएलएन कोऑर्डिनेटर – आईटी), कुमारी स्वाति सिंह (एफएलएन कोऑर्डिनेटर – न्यूमेरेसी), श्री कौशल किशोर (शिक्षार्थ टीम – सुकमा) ने बालक आश्रम गोंडेरास, प्राथमिक शाला संथालपारा, प्राथमिक शाला पटेलपारा रामपुरम, बालक आश्रम शाला रामपुरम एवं पोर्टाकेबिन सुकमा जैसे विद्यालयों का दौरा किया।
निरीक्षण के दौरान न केवल विद्यालयों की तैयारी, बल्कि बच्चों की सक्रिय भागीदारी एवं मूल्यांकन की गुणवत्ता का भी सूक्ष्म अवलोकन किया गया। टीम द्वारा संबंधित शिक्षकों को मूल्यांकन प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। इसके साथ ही राज्य द्वारा प्रदत्त एफएलएन शिक्षण सामग्री का भी निरीक्षण कर, उसके प्रभावी उपयोग हेतु दिशा-निर्देश जारी किए गए।









