भारत के स्वतंत्रता संग्राम में कई महान व्यक्तित्वों ने अहम भूमिका निभाई, जिनमें से एक अग्रणी नाम है सर सुरेंद्रनाथ बनर्जी का। आज उनकी पुण्यतिथि पर हम उनके योगदान और जीवन पर श्रद्धांजलि स्वरूप एक दृष्टि डालते हैं।
जीवन परिचय:
सर सुरेंद्रनाथ बनर्जी का जन्म 10 नवंबर 1848 को कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता) में हुआ था। उन्होंने भारतीय सिविल सेवा (ICS) परीक्षा पास की, लेकिन नस्लीय भेदभाव के चलते उन्हें सेवा से निकाल दिया गया। इसके बाद उन्होंने शिक्षा और राष्ट्रसेवा को अपना मिशन बना लिया।
राजनीतिक योगदान:
बनर्जी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और दो बार इसके अध्यक्ष बने। उन्होंने ब्रिटिश सरकार की नीतियों का तर्क और संयम से विरोध किया, और संवैधानिक तरीकों से स्वतंत्रता आंदोलन को आगे बढ़ाया। उन्हें ‘भारतीय राजनीति का जनक’ भी कहा जाता है।
पत्रकारिता और शिक्षा:
उन्होंने ‘द बंगाली’ नामक अखबार की स्थापना की, जो ब्रिटिश सरकार की आलोचना और राष्ट्रवादी विचारों के प्रचार का सशक्त माध्यम बना। साथ ही उन्होंने रिपन कॉलेज (अब सुरेंद्रनाथ कॉलेज) की स्थापना की, जो आज भी शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान है।
पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि:
6 अगस्त 1925 को उनका निधन हुआ। उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें याद करना न केवल उनके योगदान को सम्मान देना है, बल्कि युवाओं को यह प्रेरणा देना है कि शिक्षा, विचार और दृढ़ संकल्प से भी राष्ट्र की सेवा की जा सकती है।









