जयपुर –
सुरक्षा के मामले में जयपुर ने एक बड़ी छलांग लगाई है। न्यूमबेओ द्वारा जारी सिटी क्राइम एंड सेफ्टी इंडेक्स रिपोर्ट 2025 में राजस्थान की राजधानी ने 65.2 अंक के साथ देश का दूसरा सबसे सुरक्षित शहर बनने का गौरव प्राप्त किया है। यह पहली बार है जब जयपुर ने दिल्ली, मुंबई, जैसे प्रमुख महानगरों को पीछे छोड़ दिया है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सबसे सुरक्षित शहर का स्थान अहमदाबाद को मिला है, जबकि जयपुर दूसरे पायदान पर है। एशियाई रैंकिंग की बात करें तो अहमदाबाद 29वें, और जयपुर 34वें स्थान पर है।
क्या है न्यूमबेओ सेफ्टी इंडेक्स रिपोर्ट?
यह रिपोर्ट स्वतंत्र वैश्विक डेटा प्लेटफॉर्म न्यूमबेओ द्वारा जारी की जाती है, जो दुनिया भर के शहरों की सुरक्षा और अपराध दर से जुड़ी जानकारी एकत्र करता है। रिपोर्ट में सार्वजनिक सर्वे और आंकड़ों के आधार पर शहरों की रैंकिंग तय की जाती है।
मूल्यांकन के प्रमुख मापदंड:
1. सार्वजनिक सुरक्षा का स्तर
2. रात में अकेले बाहर निकलने की सुरक्षा
3. चोरी, डकैती और अन्य अपराधों की घटनाएं
4. पुलिस की कार्यप्रणाली और जनता का विश्वास
5. सामाजिक व राजनीतिक स्थिरता
जयपुर की सुरक्षा में क्या रहा अहम?
जयपुर को सुरक्षित शहरों की सूची में ऊपर लाने में कई कारक प्रभावी रहे:
सीसीटीवी निगरानी: शहर के प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
हाइटेक अभय कमांड सेंटर: पुलिस का इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर पूरे शहर की रियल टाइम मॉनिटरिंग करता है।
गश्त और पेट्रोलिंग: नियमित गश्त से वाहन चोरी जैसी घटनाओं में लगभग 30% की गिरावट दर्ज की गई है।
पुलिस-जनता सहयोग: अपराध रोकने में स्थानीय लोगों की जागरूकता और सहयोग ने भी अहम भूमिका निभाई है।
देश के टॉप 10 सुरक्षित शहरों में शामिल:
रिपोर्ट के अनुसार भारत के टॉप 10 सुरक्षित शहरों में अहमदाबाद, जयपुर, पुणे, हैदराबाद, मुंबई, और कोलकाता जैसे शहरों के नाम शामिल हैं।
दुनिया के अन्य प्रमुख शहरों की स्थिति:
एशिया में दुबई को भी टॉप 5 सुरक्षित शहरों में जगह मिली है। इससे स्पष्ट होता है कि अब भारत के शहर भी वैश्विक सुरक्षा मानकों की दौड़ में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।









