इस्लामाबाद: भारत-से संबंधों में तनाव के बीच पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद करने का साहसिक लेकिन महंगा निर्णय लिया। नेशनल असेंबली को दी जानकारी के अनुसार, यह कदम पाकिस्तान को केवल दो महीनों में लगभग ₹126 करोड़ (₹12.6 अरब) का राजस्व नुकसान दिला गया।
इस बंदी का असर उसकी एविएशन इंडस्ट्री और एयर ट्रैफिक राजस्व पर गहरा पड़ा, जिससे ‘ओवरफ्लाइट फीस’ में भारी गिरावट आई। तथ्यों से पता चलता है कि भारत के लिए वैकल्पिक मार्गों का प्रबंधन करते हुए पाकिस्तान को नया आर्थिक दंश झेलना पड़ा।
पाकिस्तान को 2019 में भी इसी तरह का प्रतिबंध लगाने से लगभग 451 करोड़ रूपए का नुकसान हुआ था। वहीं, पाकिस्तान के प्रतिबंध के जवाब में भारत ने भी पाकिस्तानी विमानों के भारतीय एयरस्पेस में घुसने पर रोक लगाई हुई है।एयरस्पेस में घुसने पर रोक लगाई हुई है।
हवाई क्षेत्र बंद करने का यह फैसला जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद लिया गया था। इस हमले में 26 नागरिकों की मौत हो गई थी। पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन ‘द रेसिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी।
इस असफलता को पाकिस्तान की संसद में ‘अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मारना’ कहकर वर्णित किया गया—एक ऐसा निर्णय, जिसमें राजनीतिक उद्देश्य भारी पड़ा, लेकिन जमीनी आर्थिक हानि भी स्पष्ट हुई।









