यांगून (म्यांमार) –
भारत की अंडर-20 महिला फुटबॉल टीम ने रविवार, 10 अगस्त को यांगून के थुवुन्ना स्टेडियम में खेले गए ग्रुप डी के आखिरी मैच में मेजबान म्यांमार को 1-0 से हराकर बड़ी उपलब्धि हासिल की। इस जीत के साथ भारत ने लगभग दो दशकों बाद एएफसी अंडर-20 महिला एशियाई कप के लिए क्वालीफाई किया। पिछली बार भारत ने यह कारनामा साल 2006 में किया था।
टूर्नामेंट में अपराजित अभियान
भारतीय टीम ने पूरे क्वालीफिकेशन अभियान में बेहतरीन प्रदर्शन किया और ग्रुप डी में एक भी मैच नहीं हारा।
इंडोनेशिया के खिलाफ पहला मैच 0-0 से ड्रॉ रहा।
तुर्कमेनिस्तान को 7-0 से हराकर शानदार जीत दर्ज की।
म्यांमार के खिलाफ 1-0 से जीत के साथ अभियान का अंत किया।
सबसे खास बात यह रही कि पूरे टूर्नामेंट में भारत ने एक भी गोल अपने खिलाफ नहीं होने दिया।
क्वालीफायर का प्रारूप
एएफसी अंडर-20 महिला एशियाई कप 2026 के लिए क्वालीफायर में 32 टीमें 11 स्थानों के लिए भिड़ीं। मेजबान थाईलैंड पहले से ही क्वालीफाई कर चुका था। टीमों को 4-4 के आठ ग्रुप में बांटा गया था, जहां प्रत्येक ग्रुप का विजेता और सभी ग्रुप में से तीन सर्वश्रेष्ठ दूसरे स्थान पर रहने वाली टीमें मुख्य टूर्नामेंट में पहुंचेंगी। यह प्रतियोगिता 1 से 18 अप्रैल 2026 के बीच थाईलैंड में होगी।
एआईएफएफ का सम्मान और इनाम
अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) ने टीम के शानदार प्रदर्शन के लिए 25,000 अमेरिकी डॉलर (करीब 22 लाख रुपये) का इनाम देने की घोषणा की। एआईएफएफ ने महिला फुटबॉल के लिए जमीनी स्तर से लेकर जूनियर स्तर तक मजबूत ढांचा तैयार करने के लिए कई योजनाएं चलाई हैं।
‘अस्मिता महिला फुटबॉल लीग’ ऐसी ही एक पहल है, जिसके तहत अंडर-13, अंडर-15 और अंडर-17 स्तर पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं। 2023-24 सीज़न में 6,305 लड़कियों ने हिस्सा लिया था, जो 2024-25 में बढ़कर 8,658 हो गया। पिछले एक साल में पंजीकृत महिला फुटबॉलरों की संख्या में 232% की बढ़ोतरी हुई है।
भविष्य की तैयारी पर फोकस
एआईएफएफ ने बयान में कहा कि वे अप्रैल 2026 में होने वाले एएफसी अंडर-20 महिला एशियाई कप के लिए टीम को सर्वश्रेष्ठ तैयारी का माहौल देंगे। इसके तहत:
लंबे ट्रेनिंग कैंप
उच्चस्तरीय अंतरराष्ट्रीय अभ्यास मैच
एशिया की शीर्ष टीमों के खिलाफ खेलने के अवसर
महासंघ का उद्देश्य खिलाड़ियों को न केवल शारीरिक और मानसिक रूप से फिट बनाना है, बल्कि उन्हें बड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना भी है।









