गर्म और उमस भरे मौसम में माइग्रेन के मरीजों की परेशानी अक्सर बढ़ जाती है। हाल के दिनों में तापमान में अचानक बढ़ोतरी और मौसम का बदलाव भी इस समस्या को और गंभीर बना देता है। आइए जानते हैं, गर्मियों में माइग्रेन क्यों ज्यादा होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
गर्मी और उमस में माइग्रेन क्यों बढ़ता है?
1. पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)
गर्मी में पसीना ज्यादा निकलता है, जिससे शरीर में पानी और मिनरल्स की कमी हो जाती है। यह माइग्रेन का एक आम ट्रिगर है।
2. तापमान में अचानक बदलाव
तेज धूप से सीधे ठंडी जगह (जैसे एसी रूम) में जाने पर तापमान का फर्क माइग्रेन को उकसा सकता है।
3. उमस का असर
नमी भरा मौसम हवा में ऑक्सीजन की मात्रा को प्रभावित करता है, जिससे थकान और सिरदर्द की समस्या बढ़ सकती है।
4. तेज रोशनी और धूप
धूप की तेज चमक आंखों और दिमाग पर सीधा असर डालती है, जिससे माइग्रेन के लक्षण बढ़ जाते हैं।
5. नींद की समस्या
गर्मी में नींद पूरी न होना या बार-बार टूटना थकान और तनाव को बढ़ाता है, जो माइग्रेन का कारण बन सकता है।
माइग्रेन से बचने के आसान उपाय
पानी ज्यादा पिएं
दिनभर में कम से कम 8–10 गिलास पानी पिएं, ताकि डिहाइड्रेशन से बचा जा सके।
धूप में कम निकलें
दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर जाने से बचें। जरूरत पड़ने पर टोपी, सनग्लास और छाते का इस्तेमाल करें।
हवादार जगह पर रहें
उमस भरे कमरों में रहने से बचें। पंखा, कूलर या एसी का उपयोग करके हवा का प्रवाह बनाए रखें।
हल्का और पौष्टिक खाना खाएं
तैलीय और मसालेदार चीजें कम खाएं। फलों और हरी सब्जियों को आहार में शामिल करें।
ठंडे पानी से ताजगी पाएं
चेहरा और सिर ठंडे पानी से धोने से शरीर का तापमान संतुलित रहता है।
पर्याप्त नींद लें
रोजाना 6–8 घंटे की नींद लें और सोने-जागने का समय नियमित रखें।
योग और ध्यान का अभ्यास करें
तनाव कम करने के लिए रोज कुछ मिनट योग, प्राणायाम और मेडिटेशन करें।









