Home चर्चा में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव ने कराई ट्रैफिक जाम की बाईपास सर्जरी

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव ने कराई ट्रैफिक जाम की बाईपास सर्जरी

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जगदलपुर संवाददाता – अर्जुन झा

= केशकाल नेशनल हाईवे पर बाईपास निर्माण की मिली मंजूरी =
= किरण देव के आग्रह पर केंद्रीय मंत्री गडकरी ने दी स्वीकृति, भेजा पत्र भी =

जगदलपुर। रायपुर- जगदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग- 30 पर केशकाल घाट में ट्रैफिक जाम की समस्या जटिल बीमारी साबित हो रही थी। अब लोगों को इस बीमारी से जल्द मुक्तिमिलने वाली है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर के विधायक किरण सिंह देव ने इस नासूर को दूर करने के लिए बड़ी भूमिका निभाई है। किरण सिंह देव की पहल पर ट्रैफिक जाम की बाईपास सर्जरी जल्द होने वाली है। श्री देव के आग्रह पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने केशकाल बाईपास सड़क निर्माण की मंजूरी दे दी है। कार्य जल्द शुरू होने वाला है।
संवेदनशील भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव के अथक प्रयासों से एवं उनके विशेष आग्रह पर केंद्रीय सडक एवं परिवहान मंत्री नितिन गडकरी ने केशकाल बाईपास निर्माण के लिए सहमति जता दी है और प्रस्ताव क़ो बस्तर की जनता के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी है। जिसपर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने केंद्रीय राष्ट्रीय राजमार्ग सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का सहृदय धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि किरण सिंह देव ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर केशकाल बाईपास निर्माण के लिए आग्रह किया था। अपने पत्र में किरण सिंह देव ने केशकाल घाट पर रोज रोज लगने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या का जिक्र किया था। श्री देव ने श्री गडकरी को बताया था कि बस्तर संभाग नक्सलवाद के मामले में संवेदनशील है और जगदलपुर- रायपुर नेशनल हाईवे बस्तर की लाइफ लाइन है। नक्सल वारदातों में गंभीर रूप से घायल होने वाले जवानों और गंभीर बीमारों को उच्च स्तरीय इलाज के लिए इसी राजमार्ग से रायपुर ले जाना पड़ता है। केशकाल घाट पर हमेशा लगने वाले ट्रैफिक जाम की वजह से ऐसे पीड़ितों की जान खतरे में पड़ जाती है। इसके आलावा अक्सर वहां हादसे भी होते रहते हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव के पत्र और आग्रह को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने केशकाल बाईपास निर्माण की मंजूरी दे दी है। इसकी जानकारी नितिन गडकरी ने किरण देव को भेजे गए पत्र में दी है।

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