बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
= कागजों में दिखाया कार्य, जमीन पर कुछ भी नहीं =
= पूर्व सरपंच और पंचायत सचिव पर गंभीर आरोप =
= 15वें वित्त आयोग मद की राशि का किया फर्जीवाड़ा =
-मुरुगेश कुमार शेट्टी-
भोपालपटनम। केंद्र सरकार द्वारा 15वें वित्त आयोग मद से दी जाने वाली राशि की किस तरह बंदरबांट इसका बड़ा उदाहरण बीजापुर जिले के भोपालपटनम विकासखंड की ग्राम पंचायत संड्रापल्ली में सामने आया है। यहां जमीन पर कोई काम कराए बगैर कागजों में फर्जी कार्य दर्शाकर साढ़े चार लाख रुपए से भी ज्यादा की रकम पूर्व सरपंच और पंचायत सचिव द्वारा गटक ली गई है।

स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक पंचायत को 15वें वित्त आयोग की पेयजल एवं स्वच्छता मद से राशि दी जाती है। इस राशि का उद्देश्य बोर खनन, पाइप लाइन बिछाने और जल आपूर्ति व्यवस्था जैसी सुविधाएं विकसित करना है। लेकिन ग्राम पंचायत संड्रापल्ली में इस राशि के उपयोग को लेकर अब गंभीर गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। गांव में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने खुलासा किया कि जुलाई से अक्टूबर 2024 के बीच पंचायत ने रनिंग वाटर कार्य के नाम पर 4 लाख 52 हजार रुपए निकाले गए। सरकारी रिकॉर्ड में यह राशि बालक आश्रम में बोर खनन, रनिंग वाटर बालक आश्रम, रनिंग वाटर प्रथम किस्त, रनिंग वाटर द्वितीय किस्त और रनिंग वाटर संड्रापल्ली के नाम पर खर्च दिखाया गया है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिलकुल अलग है। गांव में न तो बोर खनन हुआ और न ही शासकीय भवनों में रनिंग वाटर का कार्य हुआ है। यहां तक कि जिन स्थानों पर काम होना था, वहां आज तक कोई कार्य शुरू ही नहीं हुआ। बालक आश्रम के अधीक्षक ने भी साफ कहा कि पंचायत की ओर से आश्रम में रनिंग वाटर का कोई कार्य नहीं कराया गया है। यह बयान ग्रामीणों के आरोपों को और मजबूत करता है।
बॉक्स
कलेक्टर तक जाएगी बात
बैठक में उपस्थित बुजुर्गों और युवाओं ने पंचायत के पूर्व सरपंच वासम मीना और वर्तमान सचिव सत्यावती मोरला पर लाखों रुपये गबन का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने बताया कि वे जल्द ही सामूहिक रूप से जिला प्रशासन को जांच के लिए आवेदन सौंपेंगे और इस मुद्दे को मीडिया के माध्यम से भी उठाएंगे। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि हम अपने हक और सरकारी धन की सुरक्षा के लिए लड़ाई को अंजाम तक पहुंचा कर ही दम लेंगे।
वर्सन
कराएंगे जांच
जांच टीम गठित कर मामले की जांच करवाई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई भी की जाएगी।
-सुरेश देवांगन,
सीईओ, जनपद पंचायत भोपालपटनम









