रायपुर –
छत्तीसगढ़ में आगामी 29 अगस्त को आयोजित होने वाले राज्य खेल अलंकरण समारोह को लेकर एक महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। इस बार राज्य सरकार द्वारा गठित नौ सदस्यीय समिति में पहली बार छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ को शामिल नहीं किया गया है। पूर्व में इस समिति में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव को प्रतिनिधि के रूप में शामिल किया जाता था, जो खिलाड़ियों की समस्याओं और सुझावों को समिति के समक्ष प्रस्तुत करते थे। इस बार समिति में छत्तीसगढ़ क्रीड़ा भारती संस्था से सुमीत उपाध्याय को शामिल किया गया है, जिससे राजधानी के खेल संघों और खिलाड़ियों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस बदलाव पर प्रतिक्रिया देते हुए खेल मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राज्य के खिलाड़ियों के साथ अन्याय हुआ था, और अब नई सरकार खिलाड़ियों के हित में निर्णय ले रही है। उन्होंने यह भी कहा कि खेल अलंकरण समारोह को पुनः शुरू किया गया है, जो कांग्रेस सरकार के दौरान बंद कर दिया गया था।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी इस अवसर पर घोषणा की कि ओलंपिक खेलों में पदक विजेता छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक के लिए ₹3 करोड़, रजत पदक के लिए ₹2 करोड़ और कांस्य पदक के लिए ₹1 करोड़ की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, राज्य में खेल अधोसंरचना के विकास के लिए भी कई योजनाएं शुरू की गई हैं, जैसे कि जशपुर और रायगढ़ में इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण और रायपुर में आवासीय हॉकी अकादमी की स्थापना।
हालांकि, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की समिति से अनुपस्थिति ने खेल संघों और खिलाड़ियों के बीच चिंता और असंतोष को जन्म दिया है, और वे इस निर्णय पर पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं।









