हनुमान प्रसाद यादव
एमसीबी: विकासखंड भरतपुर के महिला बाल विकास विभाग की बड़ी लापरवाही क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन सुचारु रूप से नहीं, कार्यकर्ता सहायिका केंद्र से रहते नदारत, जिम्मेदार लूट की छूट पर कागजों में जिम्मेदारी निभाते जिम्मेदार, ग्राम बेनीपुरा आंगनबाड़ी केंद्र बंद केंद्र में लटका ताला, कार्यकर्ता शकुंती सिंह का कार्यनामा, केंद्र से रहते नदारत, इन्हें उच्च अधिकारियों का नहीं है भय, अब प्रशासन पर उठ रहे सवाल, कहीं उच्च अधिकारियों का संरक्षण तो नहीं, ग्रामीणों का कहना है कि दो माह से कार्यकर्ता आंगनबाड़ी केंद्र नहीं खोला है ना ही बच्चोंको मध्यान भोजन, रेडी टू ईट का वितरण किया है, बाहरी कार्यकर्ता होने के नाते हमारे गांव में आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन सुचारू रूप से नहीं हो पाती,जिससे दो माह से आंगनबाड़ी केंद्र बंद है। यहाँ तक कि विभागीय अधिकारी कर्मचारी कोई देखने तक नहीं आते कि आंगनबाड़ी का संचालन हो रहा है या नहीं, जिम्मेदार अधिकारीयों का मनमानी कहें या फिर लापरवाही, उनके ही मिली भगत से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का हौसला बुलंद, जब चाहेंगे तब आंगनबाड़ी केंद्र खोलेंगे, जब चाहेंगे तब बंद रहेगा, इन्हें प्रशासन की किसी प्रकार की न कोई पाबंदी है ना ही डर, जिससे जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करते। ग्रामीणों के द्वारा कई बार ग्राम पंचायत को मौखिक जानकारी बताते हुए , कहां गया कि आंगनवाड़ी केंद्र दो माह से बंद है उच्च अधिकारियों से बात कर आंगनबाड़ी का संचालन कराया जाए, परंतु दो माह बीत गया आज तक आंगनबाड़ी केंद्र नहीं खुला है। भ्रष्ट प्रशासन की कार्य प्रणाली से ग्रामीण परेशान उनके बच्चों को शासन कि योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। अब देखना यह है कि उच्च अधिकारी आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन कब तक करा पाते है, और कार्यकर्ता पर क्या कार्यवाही होती है।









