जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में मचैल माता यात्रा मार्ग पर बुधवार को बादल फटने से भारी तबाही मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में कम से कम 12 लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि अब तक 7 शव बरामद किए जा चुके हैं।
यह घटना पदर उपखंड के चिशोती गांव में हुई, जहां अचानक आए सैलाब ने कई मकानों को नुकसान पहुंचाया। घटना में लकड़ी का पुल और पीएमजीएसवाई पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे आवागमन बाधित हो गया है।
बचाव अभियान जारी
जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और सेना की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा के अनुसार, चिशोती क्षेत्र मचैल माता यात्रा का शुरुआती बिंदु है, और यहां पानी का बहाव अचानक बढ़ जाने से हालात गंभीर हो गए।
स्थानीय विधायक और विपक्ष के नेता सुनील कुमार शर्मा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्यों की निगरानी की।
केंद्र और उपराज्यपाल की प्रतिक्रिया
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने किश्तवाड़ प्रशासन से बातचीत की है और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनहानि की आशंका गंभीर है और राहत दल मौके पर पहुंच चुके हैं।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया है कि बचाव और राहत अभियान को तेज किया जाए और पीड़ितों को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाए।









