भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। चीन के विदेश मंत्री वांग यी की भारत यात्रा के दौरान, उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर को आश्वासन दिया कि चीन भारत की तीन प्रमुख आवश्यकताओं—उर्वरक, रेयर अर्थ मटेरियल और टनल बोरिंग मशीनों—की आपूर्ति को बहाल करेगा।
यह निर्णय दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने और आपूर्ति श्रृंखलाओं में स्थिरता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेष रूप से, भारत की कृषि और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए ये आपूर्तियाँ अत्यंत आवश्यक हैं।
यह विकास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी चीन यात्रा से पहले हुआ है, जहाँ वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस यात्रा के दौरान, दोनों देशों के नेताओं के बीच उच्च स्तरीय वार्ताओं की संभावना है, जो द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ कर सकती है।
इससे पहले, जुलाई में बीजिंग में हुई बैठक में, जयशंकर ने चीन द्वारा लगाए गए व्यापारिक प्रतिबंधों और आपूर्ति में आ रही बाधाओं पर चिंता व्यक्त की थी। चीन के इस आश्वासन से दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।









