बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
पीडब्ल्यूडी अफसरों की बड़ी कारगुजारी उजागर
पीसीसी सचिव दुर्गेश राय ने जांच अधिकारी से निष्पक्ष जांच के लिए कहा
जगदलपुर। बस्तर संभाग के सुकमा जिले के लोक निर्माण विभाग के अफसरों की मिलीभगत और मनमानी एकबार फिर सामने आ गई है। पुसामीपारा से कुम्हाररास के बीच टो-वॉल और नगर पालिका क्षेत्र की नाली निर्माण में सामने आई अनियमितताओं की विभागीय जांच के दौरान अफसरों ने खुद जांच अधिकारियों को गुमराह करने का प्रयास किया।
दरअसल इन निर्माण कार्यों में आर्थिक गड़बड़ी का मामला तब सुर्खियों में आया था, जब कांग्रेस प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं सुकमा जिले के जागरूक वरिष्ठ कांग्रेस नेता दुर्गेश राय ने विभाग के ईई, एसडीओ और सब इंजीनियर पर बिना काम कराए ही 9.66 लाख रुपए आहरण करने का आरोप लगाया था। मामला गंभीर होने पर विभागीय जांच के आदेश दिए गए और 14 अगस्त को जांच टीम सुकमा पहुंची। सूत्रों के मुताबिक जांच टीम को मौके पर ले जाने के बजाय पीडब्ल्यूडी अफसरों ने उन्हें सब डिवीजन कार्यालय के पास बनी एक नाली दिखा दी और दावा किया कि यह निर्माण हाल ही में किया गया है। जबकि हकीकत ये है कि उस नाली का कार्यादेश ठेकेदार उपेंद्र नायक के नाम से 25 अप्रैल 2025 को ही जारी हुआ था और काम पूरा हो चुका है। यानि जांच अधिकारियों को गुमराह करने के लिए दूसरे ठेकेदार का काम दिखाकर खानापूर्ति की कोशिश की गई।
मौके पर ही बिफर पड़े कांग्रेस नेता राय
इस दौरान मौके पर मौजूद कांग्रेस प्रदेश सचिव दुर्गेश राय ने इसका विरोध किया और जांच अधिकारियों के सामने पूरी सच्चाई रख दी। दुर्गेशराय ने कहा की 4 तारीख को ईई को पूछा गया आपके कैंपस में जो नाली निर्माण कराया जा रहा है वह किस विभाग का है, इस पर उनका कहना था कि मुझे नहीं मालूम, तो फिर जांच अधिकारी को विभाग एसडीओ और इंजीनियर वही नाली दिखाते हैं। आप सोचिए विभाग ने जांच अधिकारी तक को गुमराह कर दिया। जांच में भी वे धोखा देकर बचने का प्रयास करते रहे। दुर्गेश राय ने जांच अधिकारी से निष्पक्ष जांच कर दोषी लोगो पर कार्यवाही करने की मांग की।
विभाग में मचा हड़कंप नाली निर्माण की जांच जैसे ही शुरू हुई, वैसे ही लोक निर्माण विभाग में हड़कंप मच गया। कांग्रेस नेता दुर्गेश राय द्वारा लगाए गए आरोपों की सच्चाई सामने आने के डर से विभागीय अफसर जांच अधिकारियों को गुमराह करने की जुगत में लग गए। मामले के खुलासे के बाद विभाग में हड़कंप का माहौल है। ईई, एसडीओ और सब इंजीनियर पर कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है।









