भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रूस के उप प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव ने 26वें भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (IRIGC-TEC) की बैठक में भाग लिया, जिसमें दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा और निवेश सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
प्रमुख बिंदु:
- – व्यापार असंतुलन पर चिंता: जयशंकर ने भारत-रूस के बीच 58.9 बिलियन के व्यापार घाटे पर चिंता व्यक्त की, जो मुख्यतः रूस से बढ़ते तेल आयात के कारण है। उन्होंने इस असंतुलन को दूर करने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।
– स्थानीय मुद्राओं में व्यापार: दोनों नेताओं ने रुपये-रूबल भुगतान प्रणाली को लागू करने और व्यापार को स्थानीय मुद्राओं में करने पर सहमति व्यक्त की, जिससे आर्थिक लेन-देन को सुगम बनाया जा सके।
– ऊर्जा सहयोग: रूसी एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) के निर्यात को बढ़ावा देने और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने पर चर्चा हुई।
– भविष्य की योजनाएं: दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को100 बिलियन तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें व्यापार असंतुलन को कम करने और नए क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की योजना शामिल है।









