बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
श्रीमती देवांगन ने बस्तर की दूरस्थ शालाओं का किया औचक निरीक्षण
बच्चों की उपस्थिति और शिक्षकों की समयबद्धता पर जताया संतोष
जगदलपुर। बस्तर की विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती देवांगन ने बुधवार को ब्लॉक मुख्यालय के दूरस्थ अंचलों की विभिन्न शालाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्राथमिक शाला सुधापाल, माध्यमिक शाला सुधापाल, प्राथमिक शाला गाड़ाघाट, प्राथमिक शाला आमाडोंगरी, तथा हायर सेकंडरी स्कूल सुधापाल का दौरा किया।
निरीक्षण के दौरान बीईओ श्रीमती देवांगन ने छात्रों के शैक्षिक स्तर की जांच की और विशेष रूप से अकादमिक रूप से कमजोर बच्चों पर अतिरिक्त ध्यान देने के निर्देश दिए।

शिक्षकों की परफॉरमेंस बेहतर: भारती
श्रीमती देवांगन ने कहा कि उन्हें यह देखकर खुशी हुई कि शालाओं में शिक्षक समय पर उपस्थित हो रहे हैं और बच्चों की उपस्थिति भी संतोषजनक है। उन्होंने उपस्थित शिक्षकों और प्रधान पाठकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसी तरह की कार्यशैली से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कुछ ही दिनों में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान प्रारंभ होने वाला है, ऐसे में शालाओं में जो भी कमियां हैं उन्हें तत्काल दूर किया जाए।

बच्चों के साथ किया भोजन
निरीक्षण के दौरान विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती देवांगन ने माध्यमिक शाला सुधापाल में बच्चों के साथ बैठकर मध्यान्ह भोजन ग्रहण किया। बच्चों की दिनचर्या और भोजन की गुणवत्ता का भी जायजा लिया। उल्लेखनीय है कि गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा तभी संभव है जब शिक्षक, पालक और प्रशासन तीनों मिलकर काम करें। इस दिशा में बस्तर ब्लॉक की खंड शिक्षा अधिकारी भारती देवांगन बेहतर काम करती नजर आ रही हैं। श्रीमती देवांगन का यह दौरा शिक्षा व्यवस्था में निरंतर सुधार के लिए प्रशासनिक संकल्प को दर्शाता है। उनके निरीक्षण से शिक्षकों में नई ऊर्जा और जवाबदेही की भावना जागृत हुई है। श्रीमती देवांगन अपने सीनियर एवं जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल के नक़्शे कदम पर चलते हुए बच्चों के सुनहरे भविष्य निर्माण की ओर अग्रसर हैं।










