जांजगीर-चांपा संवाददाता – राजेन्द्र जयसवाल
विकासखंड बम्हनीडीह के सभी शैक्षिक समन्वयक एवं प्रधानपाठक शासकीय पूर्व माध्यमिक शालाओं की एक आवश्यक बैठक का आयोजन जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देशानुसार 23 अगस्त 2025 को सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चांपा में किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता को और मजबूत करना तथा शासन की विभिन्न शैक्षिक योजनाओं की समीक्षा करना रहा।
बैठक में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान, उल्लास नवभारत, एनएमएमएसई पंजीयन, गणवेश वितरण, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण, स्कैनिंग की स्थिति, जाति प्रमाण पत्र, यू-डाइस, छात्रवृत्ति तथा पीएम पोषण योजना पर विशेष रूप से चर्चा हुई।
शिक्षा गुणवत्ता पर सख्त निर्देश
बैठक को संबोधित करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी रत्ना थवाईत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षा गुणवत्ता में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी शैक्षिक कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएँ और योजनाओं का लाभ समय पर विद्यार्थियों तक पहुँचे।

तकनीकी समस्याओं का त्वरित निराकरण
बीआरसीसी एच. के. बेहार ने बैठक के एजेंडे की विस्तृत जानकारी दी और कहा कि यदि किसी को टेक्नोलॉजी संबंधी कोई समस्या आती है तो वे कार्यालय में सीधे संपर्क करें, ताकि उसका त्वरित निराकरण किया जा सके।
योजनाओं पर विस्तृत चर्चा
बजरंग श्रीवास ने एनएमएमएस पर विस्तृत जानकारी दी।
धन्य कुमार पांडे ने उल्लास नवभारत पर विशेष जोर देते हुए शैक्षिक समन्वयकों से अपेक्षा जताई कि वे इस योजना के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दें।
शरद चतुर्वेदी ने जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा को लेकर मार्गदर्शन प्रदान किया।

संचालन एवं सहभागिता
बैठक का संचालन परमेश्वर राठौर ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शैक्षिक समन्वयक, प्रधानपाठक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
यह बैठक न केवल योजनाओं की समीक्षा का मंच बनी, बल्कि अधिकारियों एवं शिक्षकों को यह स्पष्ट संदेश
यह बैठक न केवल योजनाओं की समीक्षा का मंच बनी, बल्कि अधिकारियों एवं शिक्षकों को यह स्पष्ट संदेश भी दिया गया कि शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगा। समयबद्धता, पारदर्शिता और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में सभी शिक्षकों को सामूहिक रूप से कार्य करना होगा।









