प्रधानाध्यापक रामकिशोर शुक्ला को सेवानिवृत्ति पर दी गई सम्मानपूर्वक विदाई ।

जांजगीर चांपा संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल

जिला जांजगीर चांपा चांपा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय हिन्दी विभाग में पदस्थ प्रधानाध्यापक एवं कर्मचारी नेता श्री रामकिशोर शुक्ला जी को आज सेवानिवृत्ति पर भव्य समारोह आयोजित कर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ जांजगीर के जिला अध्यक्ष श्री विश्वनाथ परिहार,जिला सक्ति के जिला अध्यक्ष राधेलाल भारद्वाज, तहसील सक्ति के अध्यक्ष अशोक कुमार राठौर सहित सेवानिवृत्ति प्रधान पाठक रामकिशोर शुक्ला जी के जीवन संगिनी श्रीमती अरुणा शुक्ला प्राचार्य डीसी ज्ञान गंगा हाई सेकेंडरी स्कूल चांपा एवं उनकी पुत्री आकृति शुक्ला विशेष रूप से उपस्थित थे। विदाई सम्मान समारोह का शुभारंभ मां वीणा वादिनी के तेल चित्र पर पूजन वंदन पुष्पाहार अर्पित कर किया गया।

इसके पश्चात सर्वप्रथम स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय की प्राचार्य निखिल मसीह एवं प्रभारी प्राचार्य रमाकांत साव ने मुख्य अभ्यागत सेवानिवृत प्रधानाध्यापक रामकिशोर शुक्ला जी एवं मंच में उपस्थित उनकी धर्मपत्नी श्रीमती अपर्णा शुक्ला जी तथा कर्मचारी नेता विश्वनाथ परिहार जी का कौशेय वस्त्र, श्रीफल एवं पुष्पगुच्छ से अभिनंदन किया एवं स्मृतिचिन्ह भेंट किया गया।इस अवसर पर व्यावसायिक शिक्षा विभाग, हायर सेकेंडरी विभाग, माध्यमिक विभाग एवं प्राथमिक विभाग हिंदी अंग्रेजी माध्यम के समस्त शिक्षकगण एवं सभी शिक्षक शिक्षिकाओं ने प्रधान पाठक रामकिशोर शुक्ला एवं श्रीमती अरुणा शुक्ला सहित विशिष्ट अतिथि विश्वनाथ परिहार जी का चंदन,अबीर गुलाल लगाकर एवं पुष्पाहार पहनाकर,गुलदस्ता भेंटकर आत्मीय अभिनंदन किया।

तत्पश्चात स्वामी आत्मानंद विद्यालय के प्राचार्य निखिल मसीह ने विदाई सम्मान समारोह में अपने उद्बोधन में कहा कि सेवानिवृत प्रधानाध्यापक श्री शुक्ला जी से हमारा बहुत ही पारिवारिक संबंध है वे सभी प्रकार के पारिवारिक ,सामाजिक आयोजन में हमें अवश्य ही आमंत्रित करते हैं और हमेशा हम उपस्थित होते हैं। सेवानिवृत प्रधानाध्यापक की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि श्री शुक्ला जी का शिक्षकीय सेवा कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण और सराहनीय रहा है ।वे मुझे विद्यालय संचालन व्यवस्था, शासकीय गतिविधियों के कियान्वयन एवं राष्ट्रीय कार्यकमों के आयोजन में हर संभव मदद किए हैं।वे मुझे हर कठिन परिस्थितियों मेंभी मार्गदर्शन एवं संबल प्रदान किए हैं। आज़ सेवानिवृत्ति अवसर पर मैं उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करता हूं।
इस अवसर पर प्रभारी प्राचार्य रमाकांत साव ने कहा कि श्री शुक्ला जी एक कुशल ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ प्रधानाध्यापक रहे हैं।उनके उत्कृष्ट सेवा अवदानों को विद्यालय परिवार हमेशा याद रखेंगे और भविष्य में भी उनसे सहयोग प्राप्त करते रहेंगे।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में विराजमान तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ जांजगीर के जिला अध्यक्ष विश्वनाथ परिहार जी ने कहा कि तबादला और सेवानिवृत्ति एक शासकीय प्रक्रिया है। जो हर कर्मचारी को निर्वहन करना पड़ता है।आज हमारे संरक्षक रामकिशोर शुक्ला जी सिर्फ शासकीय कर्तव्यों से निवृत हो रहे हैं, किंतु वे पारिवारिक सामाजिक एवं कर्मचारी संगठन के कार्यों से कभी भी सेवानिवृत्ति नहीं हो सकते बल्कि उनके सेवा दायित्व का क्षेत्र और भी बढ़ते जाएगा और वह आज सेवा निवृत होकर अपने बहुमूल्य समय को पारिवारिक सामाजिक कार्यों में व्यतीत करेंगे। सम्मान समारोह कार्यक्रम का संचालन करते हुए रविंद्र द्विवेदी ने कहा कि प्रधान पाठक रामकिशोर शुक्ला जी अत्यंत कुशल एवं दक्ष प्रधानाध्यापक रहे हैं। उनका कार्यकाल अत्यंत उपलब्धि पूर्ण एवं प्रशसनीय रहा है।इस अवसर पर द्विवेदी ने बताया कि रामकिशोर शुक्ला जी को शिक्षा विभाग में सेवा करते हुए 42 वर्ष से भी अधिक हो गया है। शिक्षकीय कार्यों के साथ ही वे कर्मचारी संगठन के कार्यों का भी निरंतर निर्वहन किया है जो अपने आप में सदैव स्मरणीय एवं अनुकरणीय है। मैं उनके आरोग्यमय,सुदीर्घ जीवन की अशेष कामना करता हूं।

सम्मान समारोह को व्यावसायिक शिक्षा विभाग के शिक्षक उमाशंकर चतुर्वेदी, राजकुमार तंबोली, गोविंद शर्मा, तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ सक्ती के जिलाध्यक्ष राधेलाल भारद्वाज ने भी संबोधित करते हुए रामकिशोर शुक्ला जी के शिक्षा विभाग एवं कर्मचारी हितों के लिए किए गए महत्वपूर्ण सेवा कार्यों के संबंध में सभी उपस्थितों को अवगत कराया गया।
सम्मान समारोह में उपस्थित सेवानिवृत प्रधानाध्यापक रामकिशोर शुक्ला जी के प्यारी बिटिया आकृति शुक्ला ने अपने पिता के महानता पर जो मार्मिक भावनाओं से युक्त विचार व्यक्त किए की आज में जो कुछ भी हूं मेरे पूज्य पिताजी की देन है। मेरे पिताजी मेरे भविष्य को सवारने में जुटे रहते हैं और वह मेरे लिए कुछ भी कर सकते हैं जब तक मेरे पिताजी जिंदा है मुझे कोई चिंता नहीं है उसके इस विचार को सुनते ही मंच पर उपस्थित उनके माता-पिता एवं सभी उपस्थित शिक्षक शिक्षिकाएं एवं समस्त स्टाफ भावुक हो गए और कोई भी अपने आंसू रोक नहीं पाए।

इस तारतम्य में श्रीमती अरुणा शुक्ला ने अपने उद्बोधन में कहा कि पहले शुक्ला जी के पास विद्यालय विभाग और संगठन का दायित्व बहुत अधिक था अब सेवानिवृत्ति के पश्चात शुक्ला जी घर परिवार को ज्यादा समय देंगे पुरे परिवार को उनके साथ रहने का पुरा अवसर मिलेगा। मुझे इस बात की बेहद खुशी है।

सम्मान समारोह के अंतिम क्रम में मुख्य अभ्यागत सेवानिवृत प्रधानाध्यापक रामकिशोर शुक्ला जी ने कहा कि मेरे द्वारा अनवरत 42 वर्षों तक विभाग एवं संगठन को जो सेवा अर्पित किया उसमें आप सभी का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। जिसके लिए मैं आप सभी को साधुवाद देता हूं। मैं अपने कर्मचारियों एवं साथियों के सेवा कार्य एवं हित में सदैव तत्पर रहूंगा। मैं आज एकदम संतुष्ट हूं कि अपने सेवा काल में विद्यालय विभाग एवं संगठन के हित में काम किया हूं।आप सभी को हमेशा संगठन के हित एवं कल्याण के लिए आगे रहना चाहिए।आज आप सभी विद्यालयीन परिवार के द्वारा मेरे सेवानिवृत्ति पर भव्य रूप में विदाई सम्मान समारोह एवं भोज का आयोजन किए मैं आप सभी का अन्तःकरण से आभार प्रकट करता हूं।

आज संस्था में आयोजित विदाई सम्मान समारोह अवसर पर वरिष्ठ व्याख्याता आर पी मरकाम, रामचन्द्र राठौर, श्रीमती सीमा राठौर, श्रीमती रितु सिंग एवं श्रीमती निमिषा जेम्स, श्रीमती सविता महिलांग, श्रीमती पिंकी पायल मेश्राम, सचिन देव बर्मन,राजेश उपाध्याय, सोमनाथ पाण्डेय,मनोज बघेल, श्रीमती रोशनी बाजपेयी श्रीमती रुपाली राठौर कु.धारणा साहू,श्रीमती ममता सूर्यवंशी,श्रीमती संगीता सोनी, श्रीमती शिम्मी मैडम,कु.ट्वींकल ताम्रकार,श्रीमती नीलम चंद्रा,श्रीमती सरोज देवांगन, श्रीमती वर्षा तिवारी कु. दिव्या बाजपेयी, कु प्रतिभा जांगडे, कु.अंजलि यादव,अजय अग्रवाल, अविनाश राठौर, संतोष यादव, कृष्णा यादव,विजय यादव समस्त स्टाफ उपस्थित थे।
उक्ताशय की जानकारी शिक्षक रविन्द्र द्विवेदी ने दी है।

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