जब भी हम बाजार से फल खरीदते हैं, तो अक्सर उनकी सतह पर छोटे-छोटे स्टिकर चिपके दिखाई देते हैं। दिखने में यह मामूली लगते हैं, लेकिन अगर इन्हें बिना हटाए या धोए खा लिया जाए तो यह हमारी सेहत के लिए खतरा बन सकते हैं। आइए समझते हैं कि इन स्टिकर्स से क्या नुकसान हो सकते हैं और उनसे कैसे बचाव किया जा सकता है।
स्टिकर से जुड़े संभावित नुकसान
1. रासायनिक गोंद का असर – इन स्टिकर्स को चिपकाने के लिए विशेष गोंद का उपयोग किया जाता है जिसमें हानिकारक केमिकल हो सकते हैं। अगर गलती से यह शरीर में चला जाए तो यह पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है।
2. प्लास्टिक और विनाइल का खतरा – ज़्यादातर स्टिकर्स पतले प्लास्टिक या विनाइल से बने होते हैं। ये पचते नहीं हैं और बच्चों या बुजुर्गों में आंतों की रुकावट और संक्रमण का कारण बन सकते हैं।
किनके लिए ज्यादा जोखिम?
बच्चों के लिए: बच्चे कई बार फल पर लगे स्टिकर को खेल-खेल में निगल लेते हैं, जिससे उन्हें गंभीर नुकसान हो सकता है।
गर्भवती महिलाओं के लिए: इस दौरान फल अधिक मात्रा में खाए जाते हैं, ऐसे में स्टिकर या गोंद के रसायन भ्रूण पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं।
बचाव के तरीके
स्टिकर हटाकर ही फल खाएं – फल खरीदने के बाद स्टिकर तुरंत निकाल दें।
अच्छे से धोएं – सिर्फ पानी से धोना पर्याप्त नहीं है। बहते पानी में हाथ से रगड़कर या हल्के ब्रश से साफ करें ताकि गोंद पूरी तरह निकल जाए।
ऑर्गेनिक फल चुनें – ऑर्गेनिक फलों पर अक्सर खाने योग्य (Food-Grade) स्टिकर या सुरक्षित गोंद का उपयोग किया जाता है।
बच्चों को सावधान करें – बच्चों को समझाएं कि फल खाने से पहले हमेशा स्टिकर हटाना जरूरी है।
घरेलू उपाय
नमक और हल्दी के पानी से फल धोने पर सतह पर लगे रसायन निकल जाते हैं। इसके अलावा बेकिंग सोडा और पानी का घोल भी फलों की अच्छी तरह सफाई के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।









