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गणेशोत्सव: 2025 ; उमंग और भक्ति का रंग ; मित्र मंडली गणेश उत्सव समिति द्वारा पुराने बस स्टैंड पर विशाल मूर्तियों की स्थापना ; श्रद्धालुओं से निवेदन सुबह-शाम की आरती में अवश्य शामिल हों:

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रतनपुर संवददाता – विमल सोनी 

रतनपुर:

रतनपुर में गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर एक भव्य और आकर्षक पंडाल का निर्माण किया गया है, जो इस बार एमिरेट्स थीम पर आधारित है। यह पंडाल पुराने बस स्टैंड के पास मित्र मंडली गणेश उत्सव समिति द्वारा हर वर्ष की तरह सजाया गया है। इस बार खास बात यह है कि इस पंडाल में भगवान महाकाल और गणेश जी की पिता-पुत्र जोड़ी की विशाल और सुंदर मूर्तियाँ स्थापित की गई हैं, जो भक्तों के लिए एक अनोखे और मंत्रमुग्ध कर देने वाले दृश्य प्रस्तुत करती हैं।

पंडाल का आकर्षण और विशेषताएं:
एमिरेट्स थीम: पूरे पंडाल को आधुनिक और भव्य एमिरेट्स थीम में सजाया गया है, जो देखने में बेहद आकर्षक और अनूठा है।

विशाल मूर्तियाँ: गणेश जी और महाकाल की मूर्तियाँ कलात्मक नक्काशी और भव्य आकार में हैं, जो भक्तों को भक्ति में डूबने का अवसर प्रदान करती हैं।

भक्तिमय और उत्साहपूर्ण वातावरण: यहां श्रद्धालु सुबह और शाम आरती में शामिल होकर पूजा-अर्चना करते हैं, जिससे पंडाल परिसर पूरी तरह ऊर्जा और आस्था से भर जाता है।

सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व: यह उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामुदायिक एकता और सामाजिक मेलजोल को भी मजबूत करता है।

कला और रचनात्मकता: कलाकारों द्वारा पंडाल और मूर्तियों की डिजाइन में शानदार रचनात्मकता देखने को मिलती है, जो इस आयोजन को एक सांस्कृतिक मंच के रूप में प्रस्तुत करती है।

यह भव्य उत्सव भक्तिमय वातावरण, सुंदर मूर्तियों और रचनात्मक पंडाल सजावट के कारण शहर के सांस्कृतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है, जहां सभी भक्त गणेश जी की पूजा-अर्चना करते हुए सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं। मित्र मंडली गणेश उत्सव समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस पवित्र अवसर पर आरती में भाग लेकर पुण्य का लाभ अवश्य लें। यह आयोजन रतनपुर के लिए एक भव्य सांस्कृतिक और धार्मिक महोत्सव का माध्यम बन गया है, जहाँ श्रद्धालु भक्ति और उत्साह के साथ भगवान गणेश की आराधना का आनंद ले सकते हैं।यह उत्सव न केवल धार्मिक विश्वास का उत्सव है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक समरसता का भी उत्सव है, जो रतनपुर को एक अलग पहचान प्रदान करता है।

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