पेंड्रा संवाददाता – दीपक कश्यप
हरतालिका तीज सौभाग्यवती महिलाओं का पौराणिक और पारंपरिक व्रत है:- नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत
छत्तीसगढ़ में हरतालिका तीज का विशेष महत्त्व :- जालान
पेन्ड्रा के असेम्बली हाल में रक्षाबंधन एवं तीज मिलन में उमड़ी हजारों की भीड़ ,नगर पालिका अध्यक्ष को बांधी राखी
शासकीय बहुउद्देश्यीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के असेम्बली हाल में रक्षाबंधन उत्सव एवम तीज मिलन समारोह का आयोजन किया गया।इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं की भीड़ उमड़ी।
उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष राकेश जालान को राखी बांधी और आशीर्वाद लिया।नगर पालिका अध्यक्ष राकेश जालान ने माताओं बहनों को सुहाग सामग्री एव साड़ी भेंट की।कार्यक्रम में प्रभात आर्केस्ट्रा के द्वारा संगीत की प्रस्तुति दी गई।

उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा छत्तीसगढ़ में हरतालिका तीज का विशेष महत्व है राज्य में इसे तीजा कहा जाता है।इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।तीजा के एक दिन पहले करू भात खाने की परंपरा है।तीज के दिन व्रत रखने वाली महिलाएं एक दिन पहले करेले की सब्जी सुर चावल खाती है इसके बाद कुछ भी नहीं खाती है।तीज व्रत के एक दिन पहले करेला इसलिए खाया जाता है क्योंकि करेला खाने से कम प्यास लगती है।इस दिन करेला खाने का दूसरा कारण ये भी है कि मन की शुध्दता के लिए करेले की कड़वाहट जरूरी है, जिससे मन शांत होता है।

इस अवसर पर मंच से नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि हरतालिका तीज सौभाग्यवती महिलाओं का पौराणिक और पारंपरिक व्रत है।
इस दिन इस भोलेनाथ और माता पार्वती का मिलन हुआ था।हरतालिका तीज का व्रत सबसे कठिन व्रतों मे से एक है,इस व्रत में अन्न और जल का त्याग किया जाता है।
सुहागिन स्त्रियां व्रत रखकर पति की लंबी आयु की कामना करती हैं, व्रत रखकर माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करती हैं।

हरतालिका तीज का व्रत जीवन में ऊर्जा लाता है और नकारात्मक विचारों का नाश करता है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि नेता प्रतिपक्ष डॉ.महंत के साथ कोरबा की सांसद ज्योत्स्ना महंत,पूर्व केबीनेट मंत्री जयसिंह अग्रवाल, पूर्व विधायक के के ध्रुव ,जिलाध्यक्ष उत्तम वासुदेव,मनोज गुप्ता,प्रशांत श्रीवास,मधु बाबा गुप्ता, जयदत्त तिवारी, प्रवेश शर्मा,पवन सुल्तानिया,इक़बाल सिंह,अशोम शर्मा,विद्या राठौर,मनोज साहू,सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस के विभिन्न प्रकोष्ठ के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।









