राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने 26 अगस्त 2025 को अपने शताब्दी वर्ष का शुभारंभ किया। इस अवसर पर दिल्ली के विज्ञान भवन में तीन दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन हुआ, जिसमें संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भारत की सांस्कृतिक एकता और साझा विरासत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि “अखंड भारत के लोगों का डीएनए 40,000 वर्षों से एक जैसा है,” जो हमारी साझा पहचान और एकता को दर्शाता है。
इस समारोह में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, योग गुरु बाबा रामदेव और अभिनेत्री कंगना रनौत जैसी प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। सभी ने संघ के राष्ट्र निर्माण में योगदान की सराहना की और इसकी विचारधारा को प्रेरणादायक बताया。
संघ ने अपने शताब्दी वर्ष में 100,000 शाखाओं और 1 करोड़ स्वयंसेवकों तक पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत देशभर में 1,500 से अधिक हिंदू सम्मेलन और व्यापक जनसंपर्क अभियान आयोजित किए जाएंगे, जो नवंबर 2025 से जनवरी 2026 तक चलेंगे。
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को लाल किले से अपने संबोधन में आरएसएस को “राष्ट्र निर्माण में प्रेरणा” बताते हुए इसकी सेवा भावना और अनुशासन की सराहना की。
नागपुर में विजयादशमी के अवसर पर आयोजित मुख्य समारोह में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि होंगे, जो संघ की 100 वर्षों की यात्रा का प्रतीक होगा。









