-बारिश में ढहा अभागन का मकान, एक दिन पहले ही हुई थी पति की मौत
अर्जुन झा/जगदलपुर। कहते हैं मुसीबत जब आती है तो चारों ओर से आती है। कुछ इसी तरह की त्रासदी हेमबती मौर्य और उसके बच्चों के साथ हुई है। एक दिन पहले ही पति साथ छोड़ इस दुनिया से चला गया, बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया और दूसरे दिन ही हेमबती का मकान बारिश की भेंट चढ़ गया। हेमबती और उसके बच्चों के सामने पेट पालने के साथ ही आवास की की समस्या खड़ी हो गई है। भरी बरसात में बेघर और बेसहारा हो गए इस परिवार को शासन प्रशासन से तत्काल मदद की दरकार है।
यह दुखद घटना बस्तर जिला अंतर्गत बस्तर ब्लाक की ग्राम पंचायत मधोता-2 के खैरगुड़ा वार्ड क्रमांक 8 में हुई है। यहां की निवासी हेमबती मौर्य का कच्चा मकान मंगलवार रात भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि घटना के वक्त हेमबती, उनकी बेटी और बेटा घर के बाहर थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। मकान गिरने से खाने-पीने का सारा सामान मलबे में दब गया। इससे परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। हेमबती मौर्य के परिवार के लिए यह घटना एक और बड़ा झटका है, क्योंकि एक दिन पहले सोमवार को ही उनके पति दामूराम मौर्य का निधन हो गया था। अब परिवार एक छोटे से कमरे में रहने को मजबूर है, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे नया मकान नहीं बना पा रहे हैं। वार्ड पंच ने तुरंत हल्का पटवारी को जानकारी दी और पीड़ित परिवार की मदद के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
प्रशासन को भी पीड़ित परिवार की मदद के लिए तुरंत पहल करते हुए उन्हें राहत सामग्री और आर्थिक मदद प्रदान करनी चाहिए। दामूराम इस परिवार का इकलौता कमाने वाला था। दामूराम के चले जाने से रामबती के समक्ष परिवार के भरण पोषण के साथ ही रिहायश की भी समस्या खड़ी हो गई है। उसकी निगाहें पथरा सी गई हैं, उम्मीद की सारी किरणें टूटती नजर आ रही हैं। वह क्षेत्रीय सांसद महेश कश्यप, विधायकद्वय किरण देव एवं लखेश्वर बघेल और बस्तर कलेक्टर हरिस एस की ओर उम्मीद की निगाहें लगाए बैठी है। उसे तत्काल मदद की दरकार है।









