-लोहंडीगुड़ा ब्लॉक के मांदर में अतिवृष्टि से हुई क्षति का सर्वेक्षण
अर्जुन झा/जगदलपुर। बस्तर जिले में हाल ही में हुई अतिवृष्टि से लोहंडीगुड़ा ब्लॉक अंर्तगत प्रभावित ग्राम मांदर का बुधवार को सांसद महेश कश्यप ने सीईओ जिला पंचायत प्रतीक जैन और जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया।
सांसद व अधिकारियों ने गांव का दौरा कर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं जानी। इस दौरान बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत जायजा लिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के कारण घरों, फसलों और दैनिक जीवन पर गंभीर असर पड़ा है। सांसद महेश कश्यप ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार और प्रशासन पूरी तरह उनके साथ खड़ा है। शासन द्वारा उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी।

इस दौरान जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा अतिवर्षा से हुई क्षति का आंकलन कराया जा रहा है और बहुत जल्द प्रभावित परिवारों को मुआवजे की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही अन्य सहायता प्रदान करने के लिए भी पहल की जाएगी। ग्रामीणों ने जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन के साथ ही सर्वेक्षण टीम के उक्त त्वरित निरीक्षण को सकारात्मक कदम बताया। सर्वेक्षण के दौरान तहसीलदार कैलाश पोयाम सहित राजस्व विभाग के मैदानी अधिकारी उपस्थित रहे।
बस्तर जिले में हुई 5 जनहानि
बाढ़ और बारिश ने बस्तर जिले में बड़ी तबाही मचाई है। आपदा से जिले का लोहंडीगुड़ा विकासखंड सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। इस ब्लॉक के कई गांवों में जन धन और सरकारी संपत्ति की बड़ी हानि हुई है। कई पुलिये और सड़कें ध्वस्त हो गई हैं। अधिकृत जानकारी के अनुसार बस्तर जिले में भीषण बरसात और विभिन्न वर्षा जन्य घटनाओं में 5 जनहानि और दो पशु हानि हुई है, 7 पुल पुलियों को बड़ा नुकसान पहुंचा है। आपदा प्रभावितों के लिए 6 राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां 448 लोगों को शिफ्ट किया गया है। बाढ़ और पानी में फंसे 6 लोग एयरलिफ्ट किए गए हैं।
बोट के जरिए 67 लोगों का रेस्क्यू किया गया
एसडीआरएफ और जिला होमगार्ड की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई हैं।
प्रारंभिक तौर पर 160 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें आंशिक रूप से 141 मकान तथा पूर्ण रूप से 19 मकान क्षतिग्रस्त हुए है।आपदा प्रभावित ग्रामों की संख्या 11 बताई गई है।









