गणेश चतुर्थी का पावन पर्व हर घर में धूमधाम से मनाया जाता है। माना जाता है कि गणपति बप्पा को मोदक बेहद प्रिय हैं, इसलिए इस दिन भोग में मोदक जरूर बनाए जाते हैं। परंपरागत गुड़-नारियल वाले मोदक जितने स्वादिष्ट होते हैं, उतने ही खास अब नए-नए फ्यूज़न मोदक भी बन चुके हैं। इसी कड़ी में आज हम आपके लिए लेकर आए हैं दो खास रेसिपी – पान मोदक और रसमलाई मोदक। ये दोनों ही मिठाइयाँ अनोखे स्वाद के साथ त्योहार में चार चांद लगा देंगी।
पान मोदक रेसिपी (Paan Modak Recipe)
सामग्री (भरावन के लिए)
पान के पत्ते – 2 से 3 (बारीक कटे हुए)
गुलकंद – 2 टेबलस्पून
मीठी सौंफ – 1 टेबलस्पून
ड्राई फ्रूट्स (काजू, बादाम, पिस्ता – कटे हुए) – 1 टेबलस्पून
नारियल बूरा – 1 टीस्पून
सामग्री (बाहरी परत के लिए)
मावा/खोया – 1 कप
कन्डेन्स्ड मिल्क या पिसी चीनी – 2 टेबलस्पून
पान फ्लेवर सिरप – 1 टेबलस्पून
हरा फूड कलर – कुछ बूंद (वैकल्पिक)
विधि
1. सबसे पहले पान, गुलकंद, सौंफ, ड्राई फ्रूट्स और नारियल मिलाकर भरावन तैयार कर लें।
2. पैन में मावा डालकर हल्का सा भूनें और उसमें कन्डेन्स्ड मिल्क, पान फ्लेवर सिरप और हरा रंग डालें।
3. जब मिश्रण गाढ़ा होकर पैन छोड़ने लगे, तो गैस बंद कर दें और ठंडा होने दें।
4. थोड़ा-थोड़ा मिश्रण लें, उसमें भरावन भरें और हाथ या मोल्ड से मोदक का आकार दें।
5. तैयार मोदक को 1–2 घंटे फ्रिज में रखकर ठंडा-ठंडा परोसें।
रसमलाई मोदक रेसिपी (Rasmalai Modak Recipe)
सामग्री (छेना बनाने के लिए)
फुल क्रीम दूध – 1 लीटर
नींबू का रस या सिरका – 2 चम्मच
सामग्री (रसमलाई दूध के लिए)
फुल क्रीम दूध – 2 कप
चीनी – 3-4 चम्मच
केसर – कुछ धागे (गर्म दूध में भीगे हुए)
इलायची पाउडर – ½ चम्मच
बादाम और पिस्ता – सजावट के लिए
मोदक मोल्ड और थोड़ा सा घी
विधि
1. दूध को उबालकर उसमें नींबू का रस डालें और फाड़ लें। मलमल के कपड़े से छानकर अच्छी तरह धो लें और 10–15 मिनट लटकाकर पानी निकाल दें।
2. सूखे छेने को 6–7 मिनट तक मसलकर चिकना मिश्रण तैयार करें और उसमें चीनी व इलायची मिला लें।
3. अलग से 2 कप दूध गाढ़ा करें और उसमें चीनी, केसर व इलायची डालें। ठंडा होने दें।
4. मोल्ड को घी लगाकर छेने का मिश्रण भरें और मोदक का आकार दें।
5. इन्हें प्लेट में रखें, ऊपर से गाढ़ा रसमलाई दूध डालें और ड्राई फ्रूट्स से सजाएं।
खास टिप्स
पान मोदक को हमेशा ठंडा सर्व करें, स्वाद और भी बढ़ जाएगा।
रसमलाई मोदक पर चांदी का वर्क लगाकर इसे और आकर्षक बनाया जा सकता है।
दोनों मोदक त्योहार से एक दिन पहले बनाकर फ्रिज में रख सकते हैं।
“इस गणेशोत्सव बप्पा के भोग में परंपरा और फ्यूज़न का अनोखा मेल जोड़ें। पान मोदक का रिफ्रेशिंग स्वाद और रसमलाई मोदक की मलाईदार मिठास न सिर्फ भगवान गणेश को प्रसन्न करेगी, बल्कि आपके परिवार और मेहमानों के लिए भी त्योहार को यादगार बना देगी।”









