छत्तीसगढ़: मंत्रियों की संख्या पर विवाद, हाईकोर्ट में याचिका, 2 सितंबर को होगी सुनवाई
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सियासी हलचल बढ़ गई है। हाल ही में तीन नए चेहरों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई, जिससे कैबिनेट की संख्या 11 से बढ़कर 14 हो गई। कांग्रेस ने इसे संवैधानिक प्रावधानों के खिलाफ बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज किया और अब यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया है।
शुक्रवार को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच में जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता बसदेव चक्रवर्ती से कोर्ट ने शपथपत्र और उनके सामाजिक कार्यों का विवरण मांगा है, ताकि याचिका की गंभीरता परखी जा सके। साथ ही राज्य सरकार को भी अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर को तय की गई है।
गौरतलब है कि 20 अगस्त को हुए मंत्रिमंडल विस्तार में गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब और राजेश अग्रवाल को मंत्री बनाया गया था। इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित कुल मंत्रियों की संख्या 14 हो गई है।
कांग्रेस का तर्क है कि विधानसभा की कुल 90 सीटों के हिसाब से मंत्रियों की संख्या 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। यानी अधिकतम 13 मंत्री बनाए जा सकते हैं, जबकि वर्तमान में यह संख्या 14 हो चुकी है। कांग्रेस का कहना है कि यह संविधान के अनुच्छेद 164(1 क) का उल्लंघन है।
वहीं, भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मंत्रियों की संख्या को लेकर हरियाणा में लागू फार्मूला यहां भी मान्य है।









