बस्तर संवादाता- अर्जुन झा
= शरीर पर पाए गए जख्म के निशान, जांच जारी =
जगदलपुर। बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में स्थित भैरमगढ़ अभ्यारण्य इंद्रावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र में एक तेंदुए का शव मिलने से वन्यजीव संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शव माटवाड़ा से लगे पहाड़ी इलाके में मिला है।
तेंदुए के शव को ग्रामीणों ने सबसे पहले देखा और वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ बीते चार दिनों से जंगल की घनी झाड़ियों में घायल अवस्था में कराह रहा था। लोगों ने इसकी आवाज को पालतू कुत्ते की समझकर नजरअंदाज कर दिया। ग्रामीणों का दावा है कि समय पर उपचार मिल जाता तो तेंदुए की जान बचाई जा सकती थी। इंद्रावती टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर संदीप बलगा ने बताया कि तेंदुए के शरीर पर चोट के निशान हैं। ये चोटें संभवतः दूसरे तेंदुए के साथ हुई लड़ाई में लगी होंगी। घाव कुछ दिन पुराने हैं। मौत की असली वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

नहीं थम रही वन्य जीवों की मौतें
इंद्रावती टाइगर रिजर्व और उससे लगे अभ्यारण्यों में इससे पहले भी वन्यजीवों की मौत की घटनाएं सामने आती रही हैं। 2023 में फरसेगढ़ क्षेत्र में एक तेंदुए का शव संदिग्ध हालत में मिला था। 2024 की शुरुआत में उसूर क्षेत्र में एक भालू की मौत हुई थी, जिसकी वजह शिकारी द्वारा बिछाए गए फंदे को माना जा रहा है। बाघ की खाल के साथ भी यहां शिकारी पकड़े जा चुके हैं ।









