लगातार बारिश और नदियों में बढ़ते जलस्तर ने उत्तर भारत के हालात बिगाड़ दिए हैं। पंजाब में बाढ़ का असर 1000 से अधिक गांवों पर पड़ा है, जहां लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा है। बाढ़-बारिश में अब तक 8 लोगों की मौत हो गई है। 3 लोग लापता हैं। 11 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगह शिफ्ट किया गया है l
रावी नदी का जलस्तर बढ़ने से गुरदासपुर के घोनेवाले में धुस्सी बांध टूट गया। इसके चलते पानी करीब 15 किलोमीटर दूर अजनाला शहर तक पहुंच गया। बाढ़ की वजह से 80 गांव पानी में डूबे हैं।
वहीं हिमाचल प्रदेश में मणिमहेश यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है, क्योंकि रास्ते पर भूस्खलन और भारी पानी का खतरा बढ़ गया है। इसमें अब तक 10 तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है, 4 अभी भी लापता हैं और 7 अन्य घायल हो गए हैं।
इधर उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में गंगा का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। बारिश से 18 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। अब तक 774 मकान बारिश में ढह चुके हैं। बलिया में गंगा किनारे तेजी से कटान हो रहा है। इसके चलते 24 घंटों में चक्की नौरंगा और भगवानपुर क्षेत्र के 24 मकान गंगा में समा गए। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है, लेकिन ग्रामीण दहशत में हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।









