‘मन की बात’ के 125वें एपिसोड में आज प्रधानमंत्री मोदी ने प्राकृतिक आपदा, खेल-खिलाड़ी, इनोवेशन, शिक्षा, वोकल फॉर लोकल पर बात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में दो बड़े मुद्दों पर ध्यान दिलाया— प्राकृतिक आपदाओं से देश की परीक्षा और युवाओं के लिए नए अवसरों का निर्माण। उन्होंने कहा- इस मानसून के मौसम में प्राकृतिक आपदाएं हमारे देश की परीक्षा ले रही हैं।
प्रमुख बातें:
प्राकृतिक आपदाओं को लेकर चिंता
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हाल के समय में बाढ़, भूकंप और अन्य प्राकृतिक आपदाएं देश की क्षमता और धैर्य की परीक्षा ले रही हैं।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि इन चुनौतियों का सामना करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर प्रयास कर रही हैं।
आपदाओं से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक, त्वरित राहत और जनसहभागिता पर जोर दिया गया।
UPSC उम्मीदवारों के लिए नई पहल
मोदी ने बताया कि हर साल लाखों विद्यार्थी UPSC की परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन कुछ ही चयनित हो पाते हैं।
ऐसे में, प्रतिभा की कमी नहीं बल्कि अवसर की कमी सामने आती है।
सरकार ने अब ‘प्रतिभा सेतु’ नामक मंच शुरू किया है, जिसके जरिए उन युवाओं को उचित अवसर और नौकरी उपलब्ध कराई जाएगी।
‘प्रतिभा सेतु’ क्या है?
प्रतिभा सेतु एक ऐसा डिजिटल और संस्थागत प्लेटफॉर्म है, जो UPSC और अन्य बड़ी परीक्षाओं में असफल रहे लेकिन योग्य उम्मीदवारों को सरकारी व निजी क्षेत्रों से जोड़ने का कार्य करेगा।
इससे उन युवाओं की प्रतिभा का सदुपयोग होगा, जो तैयारी में सालों का समय और मेहनत लगाते हैं।
यह प्लेटफॉर्म न केवल नौकरियों तक पहुंच दिलाएगा, बल्कि युवाओं को नीति-निर्माण, प्रशासनिक शोध और अन्य क्षेत्रों में भी अवसर प्रदान करेगा।
मोदी ने इसे “देश के प्रतिभाशाली युवाओं और अवसरों के बीच सेतु” बताया।
युवाओं को संदेश
प्रधानमंत्री ने कहा कि असफलता अंत नहीं है, बल्कि नए अवसरों की शुरुआत है।
UPSC में सिलेक्ट न हो पाने वाले उम्मीदवार भी देश के लिए मूल्यवान हैं और उनकी तैयारी का लाभ समाज को मिलेगा।
उन्होंने युवाओं को ‘प्रतिभा सेतु’ का सक्रिय उपयोग करने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। प्राकृतिक आपदाओं से लड़ने की चुनौती हो या प्रतिभाशाली युवाओं के लिए नए रास्ते बनाना—दोनों ही मुद्दों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार हर स्थिति में साथ खड़ी है।
‘प्रतिभा सेतु’ अब देश के उन लाखों युवाओं के लिए उम्मीद की किरण है, जो UPSC में चयनित नहीं हो पाए लेकिन समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की क्षमता रखते हैं।









