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बाढ़ अतिवृष्टि प्रभावितों को राहत पंहुचाने के नाम पर खानापूर्ति कर रही सरकार: दीपक बैज

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बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा

विशेष पैकेज की घोषणा करें केंद्र और राज्य सरकारें
मदद के नाम पर दिखावा बंद करे सरकार: बैज 

जगदलपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बाढ़ अतिवृष्टि राहत के नाम पर बस्तर संभाग के प्रभावितों के साथ छल करने का आरोप भाजपा सरकार पर लगाया है। दीपक बैज ने कहा कि पूरे बस्तर में पिछले एक हफ्ते में बारिश ने जो कहर बरपाया है। ऐसा मंजर पिछले 100 साल में देखने को नहीं मिला। यह बड़ी त्रासदी है जो बस्तर के लागों को झेलनी पड़ रही है। भारी बरसात ने सड़कों, पुल- पुलियों को तबाह किया ही है, आम आदमी की रोजी-रोटी के साधन खेती-बाड़ी को भी बर्बाद करके रख दिया है।

पीसीसी चीफ दीपक बैज जगदलपुर के जिला कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति भयावह है। लगातार तीन दिनों तक बस्तर दंतेवाड़ा एवं अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर हमने सभी जगह की स्थिति देखी। लोग बहुत परेशानी में हैं। खाने पीने का सामान, दवाइयां कुछ भी नहीं बचा है उनके पास, घरों में रखा कपड़ा अनाज नगदी रुपया बच्चो के कापी किताब सब कुछ बह गए, बर्बाद हो गए हैं। जीवन थम गया है, लोगों के चेहरों पर बेबसी लाचारी साफ दिख रही है। श्री बैज ने बताया कि उन्होंने अपनी टीम के साथ अनेक प्रभावित गांवों और राहत शिवरों का दौरा कर बाढ़ पीड़ित परिवारों की समस्याएं सुनी और उनका हालचाल जाना। मैं दंतेवाड़ा भी गया था। बांगापाल, बड़े तुमनार, दंतेवाड़ा, आवराभाटा, सुरभि कॉलोनी, बालपेट (भैरमबद) का दौरा किया। बालपेट हाई स्कूल व भैरमबद के राहत शिविर भी गया था पीड़ितों से मुलाकात की। बाढ़ पीड़ितों ने बताया कि जो राहत सामग्री मिल भी रही है, वो नाकाफी है। कुछ को मिला तो कुछ को नहीं। राहत पहुंचाने के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। जिनका सबकुछ लुट गया उन्हें केवल 3 से 4 हजार की मदद दी जा रही है, राशन के नाम पर 4-5 लोगों के परिवार को केवल 100 ग्राम दाल और 3 किलो चावल दिया जा रहा है। किचन का सारा समान बह गया है, माचिस की एक तिली भी नहीं है तो खाना कैसे बनेगा?बगैर बर्तन, गैस, लकड़ी, चूल्हा के ग्रामीणों को खाना बनाने में परेशानी हो रही है। पका हुआ खाना 3 बजे तक लोगो तक नहीं मिल रहा है। खाना बनवाने वाले अधिकारी कहते हैं कि खाना बना है पर बांटने की जिम्मेदारी उनकी नहीं, खाना जहां बनवा रहे वह गांव से तीन किमी दूर है, खाना खाने उतना पैदल चल कर जाना होता है, हेल्थ कैंप की व्यापक व्यवस्था नहीं..गर्भवती महिलाएं एवं अन्य ग्रामीण इलाज के लिए तरस रहे हैं। दवाओं और इलाज की कमी से लोग बीमारी से जूझ रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा- हमारी मांग है कि बस्तर के हालात को सामान्य होने में समय लगेगा। ऐसे समय यह आवश्यक है कि सरकार अपनी पूरी क्षमता का उपयोग क्षेत्र के अधोसंरचना के पुनर्निर्माण साथ-साथ यहां के आम के आदमी की मदद में लगाए।हमारी मांग है कि बस्तर के बाढ़ प्रभावितों के लिए केंद्र और राज्य दोनों विशेष पैकेज की घोषणा करें।भाजपा डबल इंजन की सरकार केवल मदद का दंभ भरती है। हम मांग करते हैं राज्य सरकार बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के सर्वे के लिए केंद्र सरकार से मांग करे और केंद्र सरकार यहां के लिए विशेष राहत पैकेज दे। आज मुख्यमंत्री बस्तर दौरे पर आए थे हम उनसे मांग करते हैं कि उनका दौरा सिर्फ खानापूर्ति न साबित हो, राहत, पुनर्वास और मुआवजे की ठोस घोषणाएं की जाएं और उन पर त्वरित अमल भी हो।

नजर आई संवेदनहीनता
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा- ऐसे समय में जब बस्तर संकट से जूझ रहा था तब प्रदेश के मुखिया विदेश प्रवास पर थे। विदेश से आने के बाद वे रायपुर में ढोल नगाड़े फूल मालाओं से अपना स्वागत करवा रहे थे मुख्यमंत्री में संवेदनशीलता होती तथा बस्तर के लिए पीड़ा होती तो वे अपना जापान, कोरिया का दौरा बीच में छोड़कर बस्तर आते, वे आज आए हैं। अमित शाह, दोनों उप मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, राजस्व मंत्री आपदा प्रबंधन मंत्री कोई भी बस्तर नहीं आया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा तुरंत सरकार यह कदम उठाए। बस्तर में भारी बारिश से जनजीवन तबाह हो गया है। अनके गांवों का संपर्क टूट चुका है, रास्ते बंद हो चुके हैं, सैकड़ों लोगों का घर बारिश से टूट चुका है, स्थितियां चिंताजनक है। प्रभावित घरों के निर्माण कार्य तुरंत शुरू किया जाए।टूट चुके मार्गो पुल पुलियों की मरम्मत शुरू कर आवागमन बहाल किया जाए। बिजली व्यवस्था तुरंत बहाल की जाए। प्रभावि…

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